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Turkey-Syria Earthquake: क्या अब आएगी अक्ल? कश्मीर पर तुर्की देता था पाकिस्तान का साथ, मुसीबत आई तो भारत ने ही बढ़ाया मदद का हाथ

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Turkey Earthquake: 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तुर्की ने पाकिस्तान की काफी सहायता की. इसके अलावा कश्मीर को लेकर तुर्की हमेशा पाकिस्तान का साथ देता रहा है. जबकि भारत 1970 से ही कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तुर्की को ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता करता आया है.

हाइलाइट्स

तुर्की-सीरिया में आए भूकंप के चलते 4000 लोगों की मौत हो गई.
भारत सरकार ने तुर्की को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन.
भारत की तरफ से एनडीआरएफ और मेडिकल टीम भेजी गई है.

नई दिल्ली. कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की (Turkey Earthquake) को इस आपदा के समय भारत ने हरसंभव मदद देने का ऐलान किया है. जबकि पाकिस्तान की तरफ से अभी तक किसी भी तरह की मदद का ऐलान नहीं किया गया है. तुर्की ने कई बार कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया है. वहीं भूकंप (Earthquake) पीड़ितों की मदद के लिए भारत की तरफ से तुर्की में एनडीआरएफ की टीम और प्रशिक्षित कुत्तों की टीम को भेजने का फैसला किया गया है. खोज और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ कर्मियों की एक टीम विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और आवश्यक उपकरणों के साथ गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस से तुर्की के लिए रवाना होगी.

भारत ने एकबार फिर बढ़ाया मदद का हाथ
तुर्की में आए खतरनाक भूकंप (Turkey Earthquake) और उससे हुए भारी नुकसान को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने तुरंत मदद का ऐलान किया. जबकि भारत और तुर्की के बीच सामान्य संबंध कभी नहीं रहे. भारत ने हमेशा तुर्की की मदद की लेकिन भारत को तुर्की ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमेशा धोखा दिया है. हाल ही में तुर्की ने अपनी संसद में कश्मीर पर एक कमेटी बनाकर भारत के खिलाफ कदम उठाया था. लेकिन भारत इस वक्त तुर्की के साथ हर तरीके से खड़ा है और मदद कर रहा है.

तुर्की ने हमेशा भारत को दिया दगा
बता दें कि 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में तुर्की ने पाकिस्तान की काफी सहायता की. इसके अलावा कश्मीर को लेकर तुर्की हमेशा पाकिस्तान का साथ देता रहा है. जबकि भारत 1970 से ही कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तुर्की को ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता करता आया है. वहीं 90 के दशक में जब तुर्की और कुर्दों के बीच घमासान युद्ध चल रहा था, तब भी भारत ने तुर्की को सैन्य मदद दी थी.

भारत ने भेजा राहत सामग्री का पहला जत्था
एनडीआरएफ (NDRF Team Turkey) के अधिकारी ने बताया कि एक टीम गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से रवाना होगी. वहीं दूसरी टीम कोलकाता से रवाना होगी. वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद, भारत ने भारतीय वायु सेना के विमान में तुर्की को भूकंप राहत सामग्री का पहला जत्था भेजा है. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

4000 लोगों की हो चुकी है मौत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को भूकंप के बाद से निपटने में हर संभव सहायता देने का भी निर्देश दिया, जिसमें कम से कम 4000 लोगों की मौत हो गई. बता दें कि धीरे-धीरे मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है. पीएमओ ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में फैसला लिया गया है कि एनडीआरएफ की टीम और मेडिकल सहायता तुर्की को दी जाएगी.

NDRF की दो टीमें होंगे रवाना
पीएमओ की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि पीएम मोदी के निर्देश पर तुर्की को तत्काल मदद भेजने के लिए पीएं के मुख्य सचिव पीके मिश्रा ने अहम बैठक बुलाई. बैठक में फैसला लिया गया कि तुर्की को जल्द से जल्द राहत सामग्री भेजी जाएगी. एनडीआरएफ की दो टीमें तुर्की रवाना होंगी, जिसमें विशेष डॉग स्कॉड सहित 100 जवान शामिल होंगे. इसके अलावा डॉक्टरों और पेरामेडिक्स की एक मेडिकल टीम भी तुर्की रवाना होने के लिए तैयार है.

सोमवार को तीन बार आया भूकंप
बता दें कि बीते समोवार को तुर्की और सीरिया में सिलसिलेवार रूप से तीन बार भूकंप आया, जिसमें अब तक 3800 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 15 हजार से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है. भूकंप के चलते तुर्की में 5 हजार से अधिक इमारतें गिर गई हैं.