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उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार देगी हर संभव सहयोग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव सहयोग करेगी। नए उद्योगों की स्थापना हो, छत्तीसगढ़ में वैल्यू एडिशन का काम हो और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, ऐसी सरकार की मंशा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उक्त बातें आज यहां अपने निवास कार्यालय में भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा नई औद्योगिक नीति 2024-29 के लिए दिए गए सुझावों पर चर्चा के दौरान कही। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सीआईआई के छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के चेयरमैन श्री आशीष सराफ, वाइस चेयरमैन श्री संजय जैन, सर्व श्री नरेंद्र गोयल, आनंद सिंघानिया, रमेश अग्रवाल, पंकज सारडा सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल के सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों ने सिंगल विंडो सिस्टम और मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार सृजन के लिए उद्योगों को बढ़ावा दिए जाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों और बहुमूल्य खनिजों के विपुल भंडार मौजूद हैं। प्रदेश में लघु वनोपजों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि चाहे खनिज हो या लघु वनोपज, इनका वैल्यू एडिशन छत्तीसगढ़ में ही हो, ताकि प्रदेश को इसका लाभ मिले। श्री साय ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में सैकड़ो एमओयू हुए हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। राज्य सरकार की मंशा है कि यहां नए-नए उद्योग स्थापित हों, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीआईआई द्वारा नई औद्योगिक नीति के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, प्रदेश के उद्योग मंत्री और नीति तैयार करने वाली समिति को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सुझावों का अध्ययन कर, अच्छे सुझावों को नई औद्योगिक नीति में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना की है और अगले 5 वर्षों में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इन्हीं लक्ष्यों को पूरा करने हम विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नई औद्योगिक नीति और विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट भी जारी किया जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो सिस्टम की प्रशंसा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सिंगल विंडो सिस्टम के लिए एक टाइम फ्रेमवर्क का भी निर्धारण किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज का वैल्यू एडिशन, डेयरी उद्योग, स्टील उद्योग में डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री की काफी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ पॉवर सरप्लस स्टेट है इसलिए यहां डेटा सेंटर स्थापित किए जा सकते है क्योंकि इनमें बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग होता है। सदस्यों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि रियल एस्टेट इंडस्ट्री को नई औद्योगिक नीति में शामिल किया जाए। इस अवसर पर भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों ने नई औद्योगिक नीतियों पर आधारित अपने सुझावों का प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत किया।