Home छत्तीसगढ़ राजनीतिक दबाव के बगैर एसएसपी का बड़ा एक्शन बिलासपुर में हाईप्रोफाइल जुआ...

राजनीतिक दबाव के बगैर एसएसपी का बड़ा एक्शन बिलासपुर में हाईप्रोफाइल जुआ कांड: भाजपा-कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सियासी माहौल गर्म

Oplus_131072
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

बिलासपुर: शहर में हाल ही में सामने आए चर्चित जुआ कांड ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सियासी चर्चा तेज हो गई है।

घटना के बाद पुलिस कार्रवाई की कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय और भाजपा प्रवक्ता प्रणव शर्मा — दोनों ने सराहना की और कहा कि कानून सबके लिए समान है।
कहते हैं कानून सबके लिए बराबर होता है, लेकिन अक्सर सत्ता या रसूख के साए में यह बात कमजोर पड़ जाती है। मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) ने यह साबित कर दिया कि उनके कार्यकाल में कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह नेता हो, कारोबारी हो या किसी रसूखदार परिवार का सदस्य।

बिलासपुर। “साहब की नीति है — कानून से ऊपर कोई नहीं, रसूखदारी अपनी जेब में रखो इसी तर्ज पर पुलिस ने की कार्रवाई ।” यही बात एक बार फिर साबित कर दी है बिलासपुर के सीनियर आईपीएस अधिकारी एसएसपी रजनेश सिंह ने। अपनी ईमानदारी और कड़ाई के लिए पहचाने जाने वाले रजनेश सिंह ने यह साफ़ कर दिया है कि बिलासपुर में चाहे कोई नेता हो, कारोबारी हो या किसी बड़े परिवार का सदस्य — अगर वह अवैध गतिविधि में शामिल है तो पुलिस उसे बख्शेगी नहीं।

दरअसल, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जीनस पैलेस में एक शादी समारोह के दौरान कुछ रसूखदारों ने जुए की महफ़िल सजा रखी थी। बताया जा रहा है कि लाखों रुपये का दांव चल रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली, और थाना सिविल लाइन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापा मारा।

छापेमारी में 14 लोग मौके से गिरफ्तार किए गए, जिनके पास से ₹2 लाख 17 हजार नगद जब्त किए गए। कार्रवाई के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 1274/25, धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।

बताया जा रहा है कि जब सभी आरोपियों को थाने लाया गया, तब उन्होंने अपने “रसूख” का इस्तेमाल करने की कोशिश की। कुछ लोगों ने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर दबाव बनाने की भी कोशिश की, लेकिन बिलासपुर पुलिस पहले ही कार्रवाई पूरी कर चुकी थी।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी शुरुआत में इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे थे ताकि “बड़े नाम” सामने न आएं। मगर जब स्थानीय मीडिया ने यह बात सीधे एसएसपी रजनेश सिंह तक पहुंचाई, तो उन्होंने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और आदेश दिया कि पूरे मामले को तत्काल सार्वजनिककिया जाए
इसके बाद सीएसपी निमेश सिह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी किया लेकिन फिर फ़ोटो नहीं डाली जा रही थी जिसपर एसएसपी की नज़र पड़ी और कहा की इनकी फ़ोटो भी डाली जाए फिर जारी की गई ।

दिग्गज चेहरे धराए, सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई में 14 गिरफ्तार

बिलासपुर। सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई में इस बार कई रसूखदार चेहरे जुए की मेज पर धराए गए। कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें सियासी और सामाजिक दोनों वर्गों के प्रभावशाली नाम शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके संतोष कौशिक, विशाल सिंह, कांग्रेस पार्षद व पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष मुन्ना श्रीवास, ठेकेदार ज़ाकिर खान, भाजपा पार्षद कैलाश देवांगन, भाजपा मंडल अध्यक्ष नयन साहू, भाजपा के पूर्व पार्षद नरेंद्र रात्रे और एलआईसी अभिकर्ता प्रशांत मूर्ति प्रमुख नाम हैं।

पुलिस ने मौके से जुआ सामग्री और नकदी बरामद कर सभी को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि कई आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े थे, जिन पर पहले भी संदेह जताया जा चुका था।

इस कदम से पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही का मजबूत संदेश गया है —
कानून सबके लिए समान है, चाहे वह रसूखदार हो या आम नागरिक।