Home देश-विदेश अराघची-गालिबाफ का होने वाला था कत्ल, इजरायल ने भेज दिए थे फाइटर...

अराघची-गालिबाफ का होने वाला था कत्ल, इजरायल ने भेज दिए थे फाइटर जेट्स, अमेरिका ने क्यों और कैसे बचाया

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर जंग छिड़ सकती थी. शांति वार्ता की कोशिशों को फिर झटका लग सकता था, अगर इजरायल अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता. अमेरिका संग बातचीत में शामिल ईरान के टॉप लीडर को मारने का इजरायल ने पूरा प्लान बना लिया था. मगर अमेरिका को इस बात की भनक लग गई. तभी अमेरिका ने अपने चैनल एक्टिवेट किए और इजरायल को ऐसा करने से रोका. तब जाकर ईरान के दो टॉप लीडर की जान बची. जी हां, अमेरिका को इस साल की शुरुआत में डर था कि इजरायल, ईरान के दो बड़े नेताओं यानी गालिबाफ और अराघची को मार डालेगा. ये आशंका उस समय जताई गई, जब अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष शांति वार्ता चल रही थी. इस आशंका के बारे में ईरान को आगाह करने के लिए उन्होंने क्षेत्रीय देशों से मदद मांगी. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का हवाला दिया गया है. रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका का डर अप्रैल में शुरू हुई युद्धविराम वार्ता के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ को लेकर थीं. यानी इजरायल के टारगेट पर अब्बास अराघची और बाघेरी गालिबाफ थे. ये दोनों वो नेता हैं जो अमेरिका संग बातचीत में ईरान की ओर से अहम भूमिका निभा रहे हैं. या यूं कहिए कि ईरान की ओर से यही दोनों शांति वार्ता के नेगोशिएटर हैं.
अमेरिका को किस बात का डर?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना ​​था कि बातचीत के दौरान इन दो नेताओं पर हत्या की किसी भी कोशिश से बातचीत पटरी से उतर सकती है और फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है. इसमें कहा गया है कि वाशिंगटन ने क्षेत्र के अन्य देशों से ईरान को इस संभावना के बारे में सतर्क करने को कहा कि इजरायल इन दो नेताओं को निशाना बना सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here