Home छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के हर्राटिकरा में...

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के हर्राटिकरा में किया एक पेड़ माँ के नाम 3.0 अभियान का शुभारंभ

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा या धरोहर नहीं हैं, बल्कि यह समग्र मानव जीवन और इस पृथ्वी पर हर सांस लेते जीव का प्रत्यक्ष आधार हैं। पौधारोपण से हमें ताजे फल, सब्जियां, और नीम, तुलसी जैसे पौधों से जीवन रक्षक औषधियाँ मिलती हैं । हरियाली मानव मन के तनाव को दूर कर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारती है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने एयर लेयरिंग तकनीक से तैयार पीपल के पौधे का रोपण कर एक पेड़ माँ के नाम 3.0 अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनके संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक जनभागीदारी है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित हर्राटिकरा में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के जनसंकल्प का सशक्त मंच बना।

*हरित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना होगा शीघ्र साकार*

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। उन्होंने लोगों से अपने जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर को पौधारोपण से जोड़ने का आग्रह करते हुए विवाह समारोहों में मंडप (मड़वा) निर्माण के लिए वृक्षों की कटाई जैसी परंपराओं से बचने और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो हरित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना शीघ्र साकार होगा।

*वृक्षारोपण अभियान के तहत 450 पौधों का किया गया सामूहिक रोपण*

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने वन विभाग द्वारा रेस्क्यू की गई ब्लैक काइट (काली चील) को उसके प्राकृतिक आवास में मुक्त कर वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन का संदेश भी दिया। यह पहल वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। वन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित वृक्षारोपण अभियान में 450 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। इस अवसर पर गुलर, पीपल, शीशम, गुल्लू और बरगद सहित विभिन्न स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, एनसीसी के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

*सरगुजा वनमंडल में अब तक 31 हजार 800 पौधों का किया जा चुका रोपण*

कार्यक्रम में ट्री एटीएम के माध्यम से पौधारोपण की अभिनव व्यवस्था भी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नीलगिरी के पौधों का वितरण कर कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की पहल की गई। वन विभाग ने जानकारी दी कि सरगुजा वनमंडल में इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 31 हजार 800 पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के प्रयासों को नई गति मिली है।

राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर अंबिकापुर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, वनमंडलाधिकारी, उप वनमंडलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here