ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में दुर्ग जिले में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत बिरेभाट में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में 33 महिलाएं और 2 पुरुष सहित कुल 35 प्रतिभागी राजमिस्त्री का हुनर सीख रहे हैं।
*निर्माण कार्य की बारीकियों का मिल रहा सैद्धांतिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण*
27 जुलाई से 25 अगस्त तक आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को भवन निर्माण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान नींव निर्माण, ईंट चिनाई, दीवार निर्माण, छत ढलाई, प्लास्टर, फ्लोरिंग और फिनिशिंग सहित विभिन्न कार्यों का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर श्रीमती हीरा बाई साहू द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निःशुल्क ड्रेस, टूल किट एवं भोजन की सुविधा भी दी जा रही है।
*महिलाएं बन रहीं निर्माण क्षेत्र में दक्ष*
इस प्रशिक्षण की खास बात यह है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं राजमिस्त्री जैसे तकनीकी कार्य का प्रशिक्षण लेकर पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ते हुए निर्माण क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अपने हाथों में हुनर के साथ रोजगार का अवसर भी हासिल कर रही हैं।
*प्रधानमंत्री आवास योजना में मिलेगा रोजगार का अवसर*
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राजमिस्त्रियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य निर्माण कार्यों में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इससे एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर महिलाओं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को समय पर पूरा करने में भी मदद मिलेगी। यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आवास निर्माण को एक साथ गति देने का प्रभावी माध्यम बन रही है।


