मुंगेली। शहर के परमहंस वार्ड, रायपुर रोड स्थित बालाजी ऑटो पार्ट्स के पास ट्रांसफार्मर के खुले तारों ने एक बार फिर बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गाय करीब आधे घंटे तक तड़पती रही, लेकिन बिजली सप्लाई बंद कराने के लिए वार्डवासियों की ओर से लगातार किए गए फोन के बावजूद फ्यूज कॉल पर तैनात कर्मचारी से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

वार्डवासियों के अनुसार, लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर गाय को तार से अलग करने का प्रयास किया। डंडे से हटाने की कोशिश के दौरान ट्रांसफार्मर से आग निकलने लगी, जिसके बाद लोग पीछे हट गए। आखिरकार बिजली बंद नहीं होने और समय पर मदद नहीं मिलने के कारण गाय की जान चली गई
फ्यूज कॉल नंबर अगर आपातकाल में काम नहीं आए तो ऐसी व्यवस्था किस काम की?
घटना के बाद वार्डवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि खुले तार और असुरक्षित ट्रांसफार्मर की समस्या नई नहीं है। उनका कहना है कि परमहंस वार्ड में पहले भी करंट की चपेट में आने से मवेशियों की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
वार्डवासियों ने अब मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत करने की तैयारी की ट्रांसफार्मर और आसपास के खुले तारों को तत्काल सुरक्षित किया जाए तथा आपातकालीन फ्यूज कॉल व्यवस्था में जिम्मेदारी तय की जाए।
एक बेजुबान की मौत ने व्यवस्था की पोल खोल दी है—अब सवाल सिर्फ गाय की मौत का नहीं, बल्कि खुले तारों के बीच आम लोगों और मवेशियों की सुरक्षा का है। बिजली विभाग कब जागेगा, यह देखने वाली बात होगी।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब बिजली के खुले तार से किसी की जान पर बन आई हो और वार्डवासी फ्यूज कॉल पर लगातार फोन कर रहे हों, तब बिजली विभाग की आपातकालीन व्यवस्था कहां थी? अगर फोन उठाने वाला ही मौजूद नहीं है तो फ्यूज कॉल व्यवस्था का उद्देश्य क्या रह जाता है?



