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नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र से माताओं और बच्चों को मिलेगी सुविधा,,पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं का मिलेगा लाभ मनरेगा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से 11.69 लाख की लागत से हुआ भवन निर्माण

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रायपुर : विशेष लेख : नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र से माताओं और बच्चों को मिलेगी सुविधा

 

 

 

 

 

पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं का मिलेगा लाभ

मनरेगा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से 11.69 लाख की लागत से हुआ भवन निर्माण

रायपुर, 20 अगस्त 2026

 

मुंगेली जिले के ग्राम बैतलपुर में नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन से महिलाओं और बच्चों के लिए सुविधाओं में विस्तार हुआ है। गांव में आंगनबाड़ी भवन नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और बच्चों को करीब 02 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र पर निर्भर रहना पड़ता था। दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई पात्र हितग्राही शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से नियमित रूप से लाभान्वित नहीं हो पाते थे। अब गांव में ही आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 का भवन उपलब्ध होने से यह समस्या दूर हो गई है।

गांव में आंगनबाड़ी भवन की आवश्यकता को देखते हुए ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से गांव में ही भवन निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। शासन ने संवेदनशीलता के साथ इस प्रस्ताव पर त्वरित कार्यवाही करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की मांग के आधार पर भवन निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद जिला पंचायत द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 13 नवंबर 2024 को भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई। अब गर्भवती महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं है। गांव में ही पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिलने से समुदाय में सुविधा के साथ-साथ जागरूकता और विश्वास भी बढ़ा है।

निर्माण कार्य 10 दिसंबर 2024 को प्रारंभ हुआ और निर्धारित समय-सीमा में 7 अप्रैल 2025 को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। इस भवन के निर्माण पर कुल 11.69 लाख की राशि व्यय हुई, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 3.69 लाख तथा मनरेगा मद से 08 लाख का प्रावधान किया गया। विभागीय अभिसरण से तैयार यह भवन ग्रामीण विकास और जनकल्याण की प्रभावी मिसाल बनकर सामने आया है।

नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन के संचालन से वर्तमान में 01 गर्भवती महिला, 01 नवजात शिशु, 17 बच्चे 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु वर्ग तथा 25 बच्चे 3 माह से 6 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को नियमित रूप से पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव में ही केंद्र उपलब्ध होने से बच्चों और महिलाओं की सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्र बना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का मजबूत आधा

आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा मिलने से गांव की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक गर्भवती महिला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र से नियमित रूप से पौष्टिक आहार मिलने से उनकी एनीमिया की समस्या में सुधार हुआ और उनका प्रसव सुरक्षित एवं सुगमतापूर्वक संपन्न हुआ। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र से नियमित पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता से 12 कम वजन वाले बच्चों के पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इससे गांव में कुपोषण की स्थिति में प्रभावी कमी लाने में मदद मिली है।