रायपुर : बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने मॉकड्रिल, 4 लोगों का किया गया सफल रेस्क्यू

एसडीआरएफ, आपदा मित्रों और स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से चलाया बचाव अभियान, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और एसपी लक्ष्य विनोद शर्मा ने किया निरीक्षण
रायपुर, 20 अगस्त 2026
खैरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छुईखदान क्षेत्र में बाढ़ आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल आयोजित की गई। मॉकड्रिल के दौरान जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों को ले जा रही नाव पलट गई है और चार लोग पानी में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए प्राप्त भारी वर्षा एवं बाढ़ की चेतावनी को देखते हुए जिला, अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर संचालित बाढ़ आपदा राहत केन्द्रों को पहले से ही सतर्क किया गया था। इसी दौरान छुईखदान बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण नाव पलट गई है और प्रभावित लोगों को तत्काल बचाव की आवश्यकता है।
सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पदेन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों को तत्काल बचाव कार्य के लिए सक्रिय किया गया। अनुविभागीय अधिकारी ने तहसील स्तर के नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर आवश्यक निर्देश प्रसारित किए। साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए गए।
तेज बहाव के बीच चार लोगों का सफल रेस्क्यू
मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ के तेज बहाव में फंसे चार लोगों के बचाव की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। एसडीआरएफ, आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने रेस्क्यू बोट, रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति की हालत गंभीर दर्शाई गई। पानी में फंसने के कारण उसके बेहोश होने पर मौके पर ही प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सभी प्रभावितों को राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया तथा गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
मॉकड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में स्थानांतरण और अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य राहत एवं बचाव दलों की तत्परता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की वास्तविक स्थिति को परखना रहा।
कलेक्टर और एसपी ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण
मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू टीम द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया, बचाव उपकरणों के उपयोग, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने अधिकारियों और बचाव दल से पूरी कार्रवाई की जानकारी लेते हुए आपदा की वास्तविक स्थिति में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित बचाव दल की उपलब्धता से जनहानि को रोका जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और बचाव दलों के साथ समन्वय का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक सुरक्षित पहुंच, भीड़ नियंत्रण तथा राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
विभागों के बीच समन्वय की परखी गई व्यवस्था
मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, आपदा मित्र, स्थानीय तैराक, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। सूचना प्राप्त होने से लेकर रेस्क्यू टीम की तैनाती, प्रभावितों के बचाव, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में स्थानांतरण तथा गंभीर व्यक्ति को अस्पताल भेजने तक की कार्रवाई को क्रमबद्ध तरीके से परखा गया।
इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। सड़क, दूरसंचार और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने तथा उनके कार्यों की समीक्षा करने की प्रक्रिया भी मॉकड्रिल में शामिल रही। इससे वास्तविक आपदा के समय विभागवार जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की तैयारियों का आकलन किया गया।
मानसून को देखते हुए तैयार हैं बचाव दल
मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित तैराक, आपदा मित्र और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मॉकड्रिल के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता, बचाव दलों की तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की स्थिति को परखा गया, ताकि वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के संचालित किए जा सकें।
नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 अथवा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
मॉकड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रुपेश डांडे, अपर कलेक्टर श्रीमती सुमन राज, एसडीएम छुईखदान श्री अविनाश ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर द्वय श्रीमती पूजा पींचा, सुश्री रेणुका रात्रे सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, एसडीआरएफ की टीम, आपदा मित्र, स्थानीय तैराक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


