Home छत्तीसगढ़ महतारी वंदन का उपहार, ‘विष्णु भैया‘ का प्यार,,

महतारी वंदन का उपहार, ‘विष्णु भैया‘ का प्यार,,

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रायपुर : महतारी वंदन का उपहार, ‘विष्णु भैया‘ का प्यार

 

 

 

 

 

केवंरा और भामिनी जैसे हजारों महिलाओं का बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर, 24 अगस्त 2026

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और उस भरोसे का प्रतीक है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसी विश्वास को जनकल्याण और विकास से जोड़ते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर ‘राखी का रिश्ता भरोसे का, विष्णु भैया संग विकास की बात‘ का संदेश इसी विश्वास को रेखांकित करता है। बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे प्रयासों से विकास का यह रिश्ता और मजबूत हो रहा है। महतारी वंदन योजना से केंवरा कमार जैसी महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को फिर से संवार रही हैं, तो भामिनी गोस्वामी जैसी माताएं अपनी बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक नींव मजबूत कर रही हैं। यही है भरोसे से विकास और विकास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़।

महासमुंद जिले के सिरपुर क्षेत्र की कमार जनजातीय महिलाओं के जीवन में भी इस योजना का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। कभी आर्थिक तंगी के कारण अपने छोटे-छोटे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करने वाली महिलाएं अब नियमित आर्थिक सहायता के सहारे अपनी आजीविका को मजबूत करने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सिरपुर की रहने वाली श्रीमती केंवरा कमार परंपरागत रूप से बांस शिल्प कारीगरी से जुड़ी हैं। बांस से टोकरी और अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार कर परिवार की आजीविका में सहयोग करती थीं, लेकिन आर्थिक परेशानियों के चलते उनका काम प्रभावित हो गया था। सीमित पूंजी के कारण वे बांस, रस्सी और अन्य जरूरी सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में नहीं खरीद पा रही थीं। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि ने उनके लिए नई उम्मीद जगाई। इस राशि से उन्होंने फिर से आवश्यक सामग्री खरीदना शुरू किया और उनका पारंपरिक व्यवसाय धीरे-धीरे पटरी पर लौट आया। आज वे अपनी मेहनत से आय अर्जित करने के साथ बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में पहले से अधिक सक्षम हो रही हैं।

इसी तरह सिरपुर की श्रीमती भामिनी गोस्वामी ने योजना की राशि को केवल वर्तमान जरूरतों में खर्च करने के बजाय अपनी बेटी टांसी गोस्वामी के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम बनाया है। वे हर माह मिलने वाली सहायता राशि को सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही हैं। छोटी-छोटी बचत से तैयार हो रही यह पूंजी आगे चलकर उनकी बेटी की उच्च शिक्षा और अन्य जरूरतों में सहायक बनेगी। भामिनी गोस्वामी का कहना है कि पहले नियमित बचत कर पाना कठिन था। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें अपनी बेटी के भविष्य के लिए कुछ अलग रखने का अवसर दिया है। अब उन्हें विश्वास है कि उनकी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए परिवार के पास एक मजबूत आर्थिक आधार होगा।