महासमुंद : तमिलनाडु में बंधक बनाए गए महासमुंद जिले के चार श्रमिक एवं बच्चों को प्रशासन ने कराया मुक्त
सरायपाली के ग्राम बरिहापाली के श्रमिकों को रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मिली राहत
महासमुंद, 26 अगस्त 2026
महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील के ग्राम बरिहापाली के चार श्रमिकों को तमिलनाडु के नमक्कल जिले के परामती वेलुर तहसील अंतर्गत ग्राम परिवेसोलीपालयम में बंधक बनाए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया गया है। आज शाम करीब 5 बजे रेस्क्यू टीम एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी श्रमिकों को बंधन से मुक्त कराया गया।
श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि श्रमिकों को आज तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त करा लिया गया है। मौके पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। समस्त औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद श्रमिकों के आज देर रात अथवा कल महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना है। उनके परसों तक जिले में पहुंचने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बरिहापाली के श्रमिक पुनीत राम यादव उम्र 65, उनके पुत्र रोहित यादव 23, बहन तेजवंती 30 उमेश यादव 11, मानसी यादव 07 एवं तुलसी यादव 40 वर्ष रोजगार के लिए तमिलनाडु गए थे। वहां कार्य करने के दौरान उन्हें काम पसंद नहीं आने पर वे वापस अपने गांव लौटना चाहते थे, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भेजने से मना कर दिया गया। इस स्थिति से परेशान होकर पुनीत राम यादव की पत्नी श्रीमती मीना यादव ने सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपने पति एवं अन्य श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई एवं कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय लंगेह द्वारा श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी गई। टीम ने वहां पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी श्रमिकों को सफलतापूर्वक मुक्त कराया।
रेस्क्यू टीम में सरायपाली नायब तहसीलदार श्री हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर श्री टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल श्री हेमंत भोई एवं श्रीमती गायत्री कंवर शामिल रहे। टीम द्वारा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की गई। प्रशासन द्वारा श्रमिकों की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं एवं औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।


