धमतरी : अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के लिए धमतरी जिले में 3 हजार से अधिक छात्राओं के आवेदन
विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों के प्रयासों से बढ़ी छात्राओं की भागीदारी, पिछले वर्ष 800 छात्राओं को मिला था लाभ
धमतरी, 01 सितंबर 2026
अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना के तहत धमतरी जिले में इस वर्ष छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए 3 हजार से अधिक आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं। छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और आर्थिक कारणों से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इस दिशा में जिले के विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों द्वारा किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पिछले वर्ष जिले की लगभग 800 छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला था।
जिला प्रशासन द्वारा छात्राओं को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने, पात्र छात्राओं को आवेदन के लिए प्रेरित करने तथा आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यालय स्तर पर प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने छात्राओं और उनके अभिभावकों से संपर्क कर योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दी। इसके परिणामस्वरूप इस वर्ष आवेदन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति छात्राओं की उच्च शिक्षा को आर्थिक संबल प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को कॉलेज एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन जारी रखने में सहायता मिलती है। छात्रवृत्ति की राशि छात्राओं की शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इस उपलब्धि के लिए जिले के सभी प्राचार्यों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि“अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के लिए इस वर्ष 3 हजार से अधिक छात्राओं के आवेदन प्रस्तुत होना जिले के विद्यालयों की प्रतिबद्धता और टीम भावना का परिणाम है। पिछले वर्ष लगभग 800 छात्राओं को इसका लाभ मिला था।
इस वर्ष अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए जिस तरह प्राचार्यों और शिक्षकों ने सक्रियता दिखाई है, वह सराहनीय है। प्रत्येक पात्र छात्रा को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। आर्थिक परिस्थितियां किसी बेटी की शिक्षा में बाधा न बनें, इसके लिए शासन की योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचाना जरूरी है।”
उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे आगे भी छात्राओं को शिक्षा, छात्रवृत्ति एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन करना नहीं, बल्कि हर पात्र विद्यार्थी तक अवसर और सहायता पहुंचाकर शिक्षा के माध्यम से बेटियों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।


