नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में आज दोपहर एक बहुमंजिला इमारत ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने बताया कि अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि इमारत पुरानी थी और उसमें मरम्मत तथा निर्माण कार्य चल रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, चाहे वह इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरतमंदों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि अधिकारी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं तथा हादसे से प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल-एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात कर स्थिति की जानकारी ली। श्री शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ आपसी समन्वय से राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। घायलों को हर जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है।
एनडीआरएफ के महानिरीक्षक एन. एस. बुंदेला ने बताया कि 70 कर्मियों वाली एनडीआरएफ की दो टीमें मौके पर बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि टीमें दिल्ली अग्निशमन विभाग, दिल्ली पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से काम कर रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्थानीय जांच में पता चला है कि इमारत 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। दिल्ली अग्निशमन विभाग ने राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर दमकल की 18 गाड़ियां तैनात की हैं।



