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सेवा संकल्प अभियान : ‘आशीर्वाद का दीया’ के लिए बिहान दीदियों ने जगाई जन-अलख

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रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : ‘आशीर्वाद का दीया’ के लिए बिहान दीदियों ने जगाई जन-अलख

 

 

 

 

 

घर-घर पहुंचीं महिलाएं, मिट्टी के दीये जुटाकर जनभागीदारी का दिया संदेश

रायपुर, 16 सितंबर 2026

शासकीय योजनाएं तब जन-आंदोलन का रूप लेती हैं, जब समाज का हर वर्ग उनमें अपनी सहभागिता निभाता है। बालोद जिले में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत कुछ ऐसा ही उत्साह देखने को मिल रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर बिहान स्व-सहायता समूह की दीदियों ने जनजागरूकता की अनूठी मिसाल पेश की है।

बालोद विकासखंड की बिहान समूह से जुड़ी महिलाएं गांव-गांव और घर-घर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से स्वेच्छा से मिट्टी के दीये और बाती एकत्र किए और परिवारों को सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। दीदियों के आत्मीय आग्रह से ग्रामीण भी उत्साह के साथ इस पहल से जुड़े और कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

दीदियों के प्रयास से गांवों में बना उत्सव का माहौल

बिहान समूह की श्रीमती विनीता साहू और श्रीमती रवीना साहू ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल दीये एकत्र करना नहीं, बल्कि जनसेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि दीदियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने और सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनने के लिए भी प्रेरित किया।

दीदियों की इस पहल से गांवों में जहां उत्साह का माहौल बना है वहीं ग्रामीणों ने स्वेच्छा से मिट्टी के दीये उपलब्ध कराए और अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई। इससे यह संदेश भी सामने आया कि जब महिलाएं जागरूकता की जिम्मेदारी अपने हाथों में लेती हैं, तो ऐसे महत्वपूर्ण अभियानों में जनभागीदारी और अधिक मजबूत होती है।

जनजागरूकता में बिहान दीदियों की सशक्त भूमिका

बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय सहभागिता निभा रही हैं। ‘आशीर्वाद का दीया’ के लिए घर-घर जाकर लोगों को जोड़ने की यह पहल महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बन रही है।

17 सितंबर की शाम जब ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित होगा, तो उसकी रोशनी में केवल मिट्टी के दीये ही नहीं, बल्कि बिहान दीदियों के जनजागरूकता के जज्बे, ग्रामीणों की सहभागिता और सेवा के प्रति सामूहिक संकल्प की चमक भी दिखाई देगी।

आजीविका गतिविधियों के माध्यम से जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

बिहान की दीदियों ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर वे आज आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनी हैं। आजीविका गतिविधियों के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और समाज में उन्हें नई पहचान व सम्मान मिला है। इस संबल और स्वावलंबन के लिए समूह की महिलाओं ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।