रायपुर : शासकीय योजनाओं से संवरा भविष्य, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं दुर्गेश्वरी धीवर
महतारी वंदन योजना की राशि से खरीदी सिलाई मशीन, घर से शुरू किया स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई का काम
रायपुर, 16 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, समर्पण और जनकल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों का असर आज देश के साथ छत्तीसगढ़ के गांवों में भी दिखाई दे रहा है। शासकीय योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की नई राह भी दिखा रही हैं।
दुर्ग जिले के ग्राम भरर की निवासी श्रीमती दुर्गेश्वरी धीवर के जीवन में महतारी वंदन योजना ऐसी ही उम्मीद लेकर आई। छोटे बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के कारण उनके लिए घर से बाहर जाकर मजदूरी या कोई अन्य काम करना संभव नहीं था। परिवार का सहारा बनने और अपनी आय का साधन शुरू करने की इच्छा थी, लेकिन संसाधनों की कमी रास्ते में बाधा बनी हुई थी।
मार्च 2024 में महतारी वंदन योजना की शुरुआत के बाद उन्हें नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी। दुर्गेश्वरी ने इस राशि को घरेलू खर्च में समाप्त करने के बजाय भविष्य संवारने के लिए बचत करने का निर्णय लिया। उन्होंने हर महीने मिलने वाली राशि में से थोड़ी-थोड़ी बचत की और इसी बचत से सिलाई मशीन खरीदी। इसके बाद घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया।
आज दुर्गेश्वरी अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों से स्कूल यूनिफॉर्म सिलाई के ऑर्डर ले रही हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ वे अपने काम को आगे बढ़ा रही हैं और इससे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग दे रही हैं। कभी परिस्थितियों के कारण घर तक सीमित रहने वाली दुर्गेश्वरी अब अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
दुर्गेश्वरी कहती हैं कि मेरे बच्चे छोटे थे, इसलिए मैं काम करने बाहर नहीं जा सकती थी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने मुझे घर बैठे अपने पैरों पर खड़े होने का रास्ता दिखाया। मैंने इसी राशि से बचत कर सिलाई मशीन खरीदी और अपना काम शुरू किया। आज मैं अपने परिवार की जरूरतों में आर्थिक सहयोग दे पा रही हूं।
दुर्गेश्वरी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत बनी है।



