मरीज के परिजन की शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में—कंप्यूटर ऑपरेटर पर गंभीर आरोप, एंबुलेंस की भूमिका पर भी सवाल; सिविल सर्जन बोले- जांच में दोषी मिला तो जल्द होगी कार्रवाई

वैसे तो जिला अस्पताल रिफर वह पैसे की मांग के लिए शुरू से चर्चा में है लेकिन नया सिविल सर्जन आने से सुधार होने की उम्मीद आवेदन मिलते ही जांच टीम गठित
मुंगेली। जिला चिकित्सालय मुंगेली में मरीज के ऑपरेशन के नाम पर ₹15 हजार की कथित मांग किए जाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। चराभाटा निवासी लव सिंह ने सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र साहू पर ऑपरेशन कराने के नाम पर ₹15 हजार मांगने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
ऑपरेशन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे लव सिंह अपनी पत्नी मोनिका सिंह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर देवेंद्र साहू ने ऑपरेशन कराने की बात कहते हुए ₹15 हजार की मांग की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पैसे नहीं देने की स्थिति में इलाज और ऑपरेशन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद 4 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9 से 10 बजे मोबाइल नंबर 8103788800 से फोन आया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि फोन पर पैसे जमा करने की बात कही गई। इसके बाद रात में मरीज की तबीयत बिगड़ने और दर्द शुरू होने पर परिजन ने 102 एंबुलेंस की मदद ली
रात में इलाज को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत में बताया गया है कि रात करीब 1 से 2 बजे मरीज दर्द से परेशान थी। इस दौरान शिकायतकर्ता ने डॉक्टर आनंद मांझी से फोन पर संपर्क किया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि फोन पर मरीज को निजी अस्पताल लाइफलाइन ले जाने की बात कही गई। इसके बाद परिजन मरीज को लेकर आगे की चिकित्सा व्यवस्था के लिए परेशान रहे।
102 एंबुलेंस की भूमिका पर भी शिकायत में सवाल
मामले में 102 एंबुलेंस वाहन क्रमांक CG07CP2993 की भूमिका को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। आवेदन के मुताबिक, एंबुलेंस चालक द्वारा मुंगेली के दो निजी लाइफलाइन व पारख अस्पतालों में मरीज को ले जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने इस पूरे घटनाक्रम की भी जांच कराने की मांग की है।
सिविल सर्जन बोले—जांच टीम गठित, दोषी मिला तो होगी कार्यवाही
वहीं मामले में सिविल सर्जन डॉ. राकेश से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि टीम पूरे मामले की जांच करेगी और जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन के इस बयान के बाद अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर नजरें टिक गई हैं। जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए ₹15 हजार की कथित मांग के आरोप, ऑपरेशन से संबंधित घटनाक्रम, मरीज को दी गई चिकित्सा सुविधा तथा एंबुलेंस की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच रिपोर्ट से सामने आएगी वास्तविक तस्वीर
मामले ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच टीम की रिपोर्ट ही तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और मामले में वास्तव में किसकी जिम्मेदारी बनती है।
अब देखना होगा कि जांच टीम की रिपोर्ट कब सामने आती है और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो अस्पताल प्रबंधन की ओर से संबंधित जिम्मेदारों पर किस तरह की कार्रवाई की जाती है।



