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​जांजगीर में ‘नमो सेवा’ नुक्कड़ नाटक से गूँजा सुशासन का संदेश

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रायपुर : ​जांजगीर में ‘नमो सेवा’ नुक्कड़ नाटक से गूँजा सुशासन का संदेश

 

 

 

 

 

डिजिटल इंडिया से खत्म हुई दलाली और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा योजनाओं का सीधा लाभ

रायपुर, 23 सितंबर 2026

 

जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय टी. सी. एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जांजगीर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के ऊर्जावान स्वयंसेवकों ने ‘नमो सेवा’ शीर्षक से एक अत्यंत प्रभावी और प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक का मंचन कर जन-जागरूकता की एक नई अलख जगाई है। इस कलात्मक प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल इंडिया की बढ़ती ताकत और सुशासन के उस मूल मंत्र को उजागर करना था, जिसने देश की व्यवस्था में एक युगगामी बदलाव ला दिया है। नाटक के माध्यम से युवाओं ने यह जीवंत संदेश दिया कि किस प्रकार पारदर्शी तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की बदौलत अब बिचौलियों और दलालों की भूमिका पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है, जिससे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ बिना किसी कटौती के सीधे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहजता से पहुँच रहा है।

 

​महाविद्यालय के NSS स्वयंसेवकों ने अपने ओजस्वी अभिनय और संवादों के माध्यम से केंद्र सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं के व्यापक प्रभाव को बेहद सुगमता से जन-जन तक पहुँचाया। मंचन के दौरान दिखाया गया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के जरिए कैसे देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में बिना किसी मध्यस्थ के सीधे आर्थिक सहायता राशि भेजी जा रही है, जिसने किसानों को आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का संबल दिया है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के प्रभाव को रेखांकित करते हुए दिखाया गया कि कैसे मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन मिलने से ग्रामीण भारत की महिलाओं को रसोई के ज़हरीले धुएँ और उससे होने वाली गंभीर बीमारियों से स्थाई मुक्ति मिली है।

​नाट्य रूपांतरण में महिला सशक्तिकरण और युवाओं के आर्थिक उत्थान पर भी विशेष बल दिया गया। स्वयंसेवकों ने लखपति दीदी योजना और स्व-सहायता समूहों (SHG) के सशक्त ताने-बाने को प्रदर्शित करते हुए दर्शाया कि किस तरह ग्रामीण महिलाएं खुद का व्यवसाय शुरू कर न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं। इसके साथ ही, मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया के संदेश को मंचित करते हुए युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय, खुद का उद्यम स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की प्रेरणा दी गई।

​स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों पर प्रकाश डालते हुए नाटक में आयुष्मान भारत योजना के उस जीवनदायी पहलू को दिखाया गया, जिसके तहत जरूरतमंदों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर प्रदान कर एक सुरक्षा कवच दिया गया है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बेघर और गरीब परिवारों के अपने पक्के मकान का सपना पूरा होने की खुशी को भी मंच पर जीवंत किया गया। डिजिटल इंडिया के माध्यम से आई इस अभूतपूर्व पारदर्शिता और सुशासन की स्थानीय नागरिकों ने दिल खोलकर सराहना की। शासकीय टी. सी. एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय की NSS इकाई के इस अभिनव प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया कि सजग युवा समाज में जागरूकता फैलाकर सुशासन के लाभों को जन-जन तक पहुँचाने में सबसे सशक्त माध्यम सिद्ध हो सकते हैं।