Home छत्तीसगढ़ पाकरगांव हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

पाकरगांव हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

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रायपुर : पाकरगांव हादसे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

 

 

 

मृतक श्रमिकों के परिजनों को मिलेगी 15-15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमृत बेक निलंबित

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीडि़त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को पीडि़त परिवारों को हर आवश्यक सहायता तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश, जिम्मेदारी तय कर होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री श्री साय ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने घटना में प्रथम दृष्टया सामने आई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पत्थलगांव विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमृत बेक को निलंबित कर दिया गया है।

श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा कि विद्युत संबंधी कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल श्रमिकों के समुचित उपचार की बेहतर से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।