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मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की पहल, मुंगेली जिला अस्पताल में जागरूकता से लेकर निःशुल्क उपचार तक की सुविधा; सिविल सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने कार्यस्थल के तनाव से निपटने अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण

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मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की पहल, मुंगेली जिला अस्पताल में जागरूकता से लेकर निःशुल्क उपचार तक की सुविधा; सिविल सर्जन डॉ. राकेश कुमार ने कार्यस्थल के तनाव से निपटने अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण

 

मुंगेली। शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य भी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और विभिन्न प्रकार की मानसिक परेशानियों को समय रहते पहचानना तथा उनका उचित उपचार कराना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुंगेली के अंतर्गत 10 से 16 अक्टूबर 2026 तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों, मरीजों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष की थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change” अर्थात “अनुभवों को सुना गया: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के अनुभवों को सुनने, उनकी भावनाओं को समझने और उन्हें बिना किसी भेदभाव के उचित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

 

रंगोली, पोस्टर और वीडियो के माध्यम से दिया जागरूकता का संदेश

 

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मानव संसाधनों, जिला चिकित्सालय मुंगेली के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं। रंगोली, पोस्टर मेकिंग, वीडियो मेकिंग और पाम्पलेट वितरण जैसी गतिविधियों के जरिए लोगों को मानसिक रोगों के लक्षणों की पहचान, उनसे बचाव और समय पर उपचार कराने के महत्व की जानकारी दी गई।

 

इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को छिपाना या उन्हें कमजोरी समझना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, नींद में परेशानी, चिड़चिड़ापन, निराशा या दैनिक गतिविधियों में रुचि कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

 

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार संभव है और समय पर सहायता मिलने से व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।

 

जिला अस्पताल के स्पर्श क्लिनिक में मानसिक रोगों और नशामुक्ति के लिए निःशुल्क उपचार

 

जिला चिकित्सालय मुंगेली में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नशामुक्ति के लिए उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी भी लोगों को दी गई। अस्पताल के स्पर्श क्लिनिक, कक्ष क्रमांक 10 में निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में मरीजों और उनके परिजनों को अवगत कराया गया।

 

जागरूकता सप्ताह के दौरान ओपीडी में आने वाले मरीजों को बताया गया कि जिस प्रकार शरीर में होने वाली बीमारियों के लिए चिकित्सकीय सलाह और उपचार आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक परेशानियों के लिए भी समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेना जरूरी है।

 

मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद अथवा नशे से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे लोगों को उपचार के लिए आगे आने और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, परिवार के सदस्यों से भी अपील की गई कि वे मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें उपचार के लिए प्रोत्साहित करें।

 

तनाव और दबाव महसूस होने पर बिना झिझक साझा करें अपनी भावनाएं

 

कार्यक्रम के दौरान हेल्प-सीकिंग बिहेवियर (Help-seeking Behavior) अर्थात जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने की प्रवृत्ति को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। लोगों को बताया गया कि मानसिक परेशानी होने पर अपनी भावनाओं को विश्वसनीय व्यक्ति, परामर्शदाता अथवा चिकित्सक के साथ साझा करना महत्वपूर्ण है।

 

अक्सर सामाजिक संकोच, लोगों की प्रतिक्रिया का डर या मानसिक रोगों के प्रति गलत धारणाओं के कारण लोग अपनी परेशानी किसी को नहीं बताते। इससे उनकी समस्या बढ़ सकती है और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में समय रहते सहायता लेना, नियमित दिनचर्या अपनाना, पर्याप्त नींद लेना और परिवार एवं मित्रों से संवाद बनाए रखना मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल में सहायक हो सकता है।

 

टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 से मिलेगी निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य सहायता

 

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को टेली-मानस (Tele-MANAS) की निःशुल्क हेल्पलाइन सेवा 14416 की जानकारी भी दी गई। इस सेवा के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

 

जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को बताया गया कि मानसिक परेशानी होने पर मदद मांगने में किसी प्रकार की झिझक नहीं करनी चाहिए। समय पर परामर्श लेने से समस्या को समझने और उचित सहायता प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

 

कार्यस्थल पर तनाव कम करने के लिए सिविल सर्जन की विशेष पहल

 

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार के मार्गदर्शन में कार्यस्थल पर होने वाले तनाव और मानसिक दबाव को कम करने के विषय पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि वे कामकाज के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव को बेहतर ढंग से समझ सकें और उससे निपटने के प्रभावी तरीके अपना सकें।

 

कार्यस्थल पर लगातार बढ़ता काम का दबाव, जिम्मेदारियां, समय-सीमा और अन्य परिस्थितियां कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में तनाव की पहचान करना, आपसी संवाद को बेहतर बनाना और सकारात्मक कार्य वातावरण विकसित करना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को मानसिक तनाव से निपटने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

 

कार्यक्रम के अनुसार, इन गतिविधियों से कर्मचारियों को कार्य के दौरान तनाव प्रबंधन में राहत महसूस करने में मदद मिल रही है। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए कार्यस्थल को अधिक सकारात्मक और सहयोगपूर्ण बनाना है।

 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देशन में हुआ आयोजन

 

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. के. गुप्ता, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार, जिला नोडल अधिकारी डॉ. संजय ओबेरॉय तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गिरीश कुर्रे के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में किया गया।

 

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े मानव संसाधनों, जिला चिकित्सालय के अधिकारियों-कर्मचारियों और जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों ने जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन में सहभागिता निभाई।

 

इस आयोजन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने और उपलब्ध उपचार सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

 

मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी न करें, समय पर लें सहायता

 

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का प्रमुख संदेश यही रहा कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए। मानसिक परेशानी को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय उसके बारे में खुलकर बात की जाए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता ली जाए।

 

जिला चिकित्सालय मुंगेली के स्पर्श क्लिनिक में उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधा तथा टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, समय पर परामर्श और परिवार एवं समाज का सहयोग किसी भी व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

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