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दशरंगपुर में तीन लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, तेज रफ्तार बोलेरो से टक्कर मारने के बाद फरार हुए चार आरोपी ओडिशा बॉर्डर से गिरफ्तार, खून के निशान मिटाने बोनट तक तोड़कर फेंका

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दशरंगपुर में तीन लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, तेज रफ्तार बोलेरो से टक्कर मारने के बाद फरार हुए चार आरोपी ओडिशा बॉर्डर से गिरफ्तार, खून के निशान मिटाने बोनट तक तोड़कर फेंका

 

मुंगेली पुलिस की साइबर टीम और जरहागांव पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, पश्चिम बंगाल के चार आरोपी गिरफ्तार; घटना में प्रयुक्त महिंद्रा वीरो वाहन जब्त, सदोष मानव वध सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

 

मुंगेली। जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दशरंगपुर में सड़क किनारे खड़े तीन व्यक्तियों को तेज रफ्तार महिंद्रा वीरो वाहन से टक्कर मारने और उनकी मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में जरहागांव पुलिस और मुंगेली साइबर टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रायगढ़ जिले के ओडिशा बॉर्डर के पास से पकड़ा। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सदोष मानव वध सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

सुबह-सुबह तेज रफ्तार वाहन ने तीन लोगों को मारी टक्कर, मौके के बाद मचा हड़कंप

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 6 से 6:15 बजे के बीच ग्राम दशरंगपुर के मुख्य मार्ग पर यह गंभीर घटना हुई। एक सफेद रंग की महिंद्रा वीरो गाड़ी क्रमांक WB 25 Z 5623 के चालक ने कथित तौर पर तेज गति और खतरनाक तरीके से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे खड़े तीन व्यक्तियों को टक्कर मार दी।

 

टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में दशरंगपुर निवासी अधीनदास मोहले (65 वर्ष), बल्लू बघेल (56 वर्ष) तथा भाठापारा (रेहुंटा), मुंगेली निवासी गंगाराम टंडन की मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। तीन लोगों की मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया और पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की चुनौती खड़ी हो गई।

 

मर्ग जांच में सामने आए अहम तथ्य, लापरवाही के बजाय जानबूझकर खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का आरोप

 

घटना के बाद पुलिस ने मर्ग जांच शुरू की। इस दौरान मृतकों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की गई।

 

पुलिस के अनुसार, जांच में ऐसे तथ्य सामने आए जिनके आधार पर यह मामला केवल सामान्य सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं माना गया। आरोप है कि वाहन चालक को इस बात का अंदाजा था कि तेज गति और खतरनाक तरीके से विपरीत दिशा में वाहन चलाने से किसी व्यक्ति की जान जा सकती है, इसके बावजूद उसने वाहन उसी तरह चलाया और तीन व्यक्तियों को टक्कर मार दी।

 

जांच में अपराध पाए जाने पर थाना जरहागांव में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। आगे की जांच में साक्ष्य छिपाने और वाहन की पहचान बदलने से संबंधित तथ्य सामने आने पर पुलिस ने प्रकरण में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ीं।

 

बकरी खरीदने मुंगेली आ रहे थे आरोपी, रायगढ़ से ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर भागने की तैयारी

 

पुलिस की जांच में आरोपियों की तलाश के दौरान पता चला कि वे रायगढ़ से ओडिशा होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर जा रहे थे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मुंगेली साइबर टीम और थाना जरहागांव पुलिस की टीम को तत्काल रवाना किया गया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए रायगढ़ पुलिस की साइबर टीम का भी सहयोग लिया गया।

 

संयुक्त टीम ने वाहन क्रमांक WB 25 Z 5623 को रायगढ़ जिले के ओडिशा बॉर्डर के पास रोककर चालक सहित उसमें सवार तीन अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया। इसके बाद चारों को थाना जरहागांव लाकर पूछताछ की गई।

 

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 14 अक्टूबर को बकरी खरीदने के लिए मुंगेली, छत्तीसगढ़ आ रहे थे। अगले दिन सुबह जब वे दशरंगपुर पहुंचे, तब वाहन नबजीत दास चला रहा था। पुलिस का आरोप है कि वाहन में बैठे अन्य साथियों ने सुबह मुख्य सड़क खाली होने की बात कहते हुए तेज गति से गाड़ी चलाने के लिए कहा। इसके बाद चालक ने वाहन को खतरनाक तरीके से विपरीत दिशा में चलाया और सड़क किनारे खड़े तीन व्यक्तियों को टक्कर मार दी।

 

पुलिस के अनुसार, हादसे में तीनों व्यक्तियों की मौत होने के बाद आरोपी वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना से जुड़े इन तथ्यों की पुष्टि विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

 

खून के निशान मिटाने और पहचान छिपाने की कोशिश का आरोप, बोनट तोड़कर फेंका

 

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य वाहन में बदलाव किए जाने को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद वाहन में लगे खून के निशान साफ करने और वाहन की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके स्वरूप में बदलाव करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि वाहन का बोनट तोड़कर फेंक दिया गया था।

 

पुलिस ने विवेचना के दौरान इन तथ्यों को भी शामिल किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 238(क) और 3(5) जोड़ी गईं। पुलिस ने आरोपी चालक नबजीत दास के कब्जे से घटना में प्रयुक्त महिंद्रा वीरो वाहन को जब्त किया है। वाहन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

 

तीन लोगों की मौत के बाद फरार होने और कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के प्रयास से जुड़े इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब विवेचना में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ जब्त वाहन और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

 

पश्चिम बंगाल के रहने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

 

पुलिस ने इस प्रकरण में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—

 

1. नबजीत दास (24 वर्ष): पिता स्वर्गीय परेश दास। पुलिस के अनुसार, घटना के समय महिंद्रा वीरो वाहन चला रहा था। निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।

 

2. अनंता विश्वास (31 वर्ष): पिता कानु विश्वास। निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।

 

3. कानु विश्वास (57 वर्ष): पिता स्वर्गीय अनिल। निवासी कंकपुल कलंगढ़, थाना अशोकनगर, जिला नॉर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।

 

4. सौरव मल्लिक (30 वर्ष): पिता गौतम। निवासी तरुण पल्ली, पश्चिम बंगाल।

 

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों को 16 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 17 अक्टूबर 2026 को उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में हुई कार्रवाई

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) ने आरोपियों की पतासाजी और गिरफ्तारी के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।

 

आरोपियों की तलाश में तकनीकी जानकारी, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का सहारा लिया गया। मुंगेली साइबर टीम, थाना जरहागांव पुलिस और रायगढ़ साइबर टीम के समन्वय से आरोपियों को जिले से बाहर पकड़ने में सफलता मिली।

 

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जरहागांव दिव्यकांत पाण्डेय, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येन्द्र पुरी गोस्वामी, प्रधान आरक्षक देव डिन्डोरे तथा आरक्षक अतुल सिंह, राहुल यादव, प्रवीण मिश्रा और रायगढ़ साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

तीन मौतों के मामले में पुलिस की कार्रवाई, अब न्यायिक प्रक्रिया पर नजर

 

ग्राम दशरंगपुर में हुई इस घटना ने सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय जिम्मेदारी के सवाल को एक बार फिर सामने ला दिया है। सड़क किनारे खड़े तीन व्यक्तियों की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया गया है।