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तारागांव जलाशय 10 वर्षों का पट्टा देने हेतु 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित

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जगदलपुर : तारागांव जलाशय 10 वर्षों का पट्टा देने हेतु 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित

 

 

 

जगदलपुर, 19 अक्टूबर 2026

जनपद पंचायत बस्तर द्वारा स्थानीय स्तर पर आजीविका संवर्धन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत जनपद पंचायत बस्तर के द्वारा तारागांव जलाशय को मछली पालन, मत्स्याखेट और मत्स्य विक्रय हेतु आगामी 10 वर्षों के लिए पट्टे पर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व अभिलेखों और शासकीय नक्शे के अनुसार, ग्राम तरागांव के खसरा नंबर 26 के अंतर्गत दर्ज यह विशाल जलाशय लगभग 49.15 हेक्टेयर के औसत जलक्षेत्र में फैला हुआ है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस जलक्षेत्र को लीज पर लेने के इच्छुक पंजीकृत समूह और समितियां आगामी 30 अक्टूबर 2026 तक अपने विधिवत आवेदन कार्यालय जनपद पंचायत बस्तर में अनिवार्य रूप से जमा कर सकते हैं।

इस पट्टा आबंटन प्रक्रिया में शासन के नियमानुसार सबसे पहली प्राथमिकता पंजीकृत मछुआरा सहकारी समितियों एवं मछुआ समूहों को दी जाएगी। यदि प्रथम श्रेणी के पात्र आवेदक उपलब्ध नहीं होते हैं, तभी स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के आवेदनों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद क्रमशः मत्स्यपालन विषय में डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्रीधारी बेरोजगार युवाओं और अंत में वर्ष 1965 या उसके बाद डूब क्षेत्र से प्रभावित विस्थापित परिवारों अथवा उनके समूहों को अवसर दिया जा सकेगा।

प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कई प्रमुख नियम व शर्तें भी तय की गई हैं। जलाशय का आवंटन प्रति व्यक्ति 2.00 हेक्टेयर जलक्षेत्र के मान से किया जाएगा और पट्टा स्वीकृति के 10 दिनों के भीतर संबंधित समिति को प्रथम किश्त जमा कर अनुबंध पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ नदी नियमों के तहत प्रत्येक वर्ष 16 जून से 15 अगस्त की अवधि के दौरान जलाशय में मत्स्याखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पट्टाधारक को विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्धारित आकार की मछलियां निकालने और मत्स्य बीज उत्पादन के लिए शासकीय दर पर मत्स्य प्रजनक उपलब्ध कराने की सहमति भी देनी होगी।