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विशेष लेख : ’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषक उन्नति योजना से फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावा, किसानों के लिए खुल रहे आय के नए अवसर’  

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रायपुर : विशेष लेख : ’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषक उन्नति योजना से फसल विविधीकरण को मिल रहा बढ़ावा, किसानों के लिए खुल रहे आय के नए अवसर’

 

 

 

 

 

’धान की जगह अदरक की खेती कर रहे सरगुजा के युवा किसान अभिषेक सिंह, बेहतर आमदनी की उम्मीद’

’वैकल्पिक फसलों की खेती पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान, किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल’

’सरगुजा जिले की सभी सहकारी समितियों में कृषक उन्नति योजना के लिए पंजीयन जारी’

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य शासन की कृषक उन्नति योजना किसानों को परंपरागत धान की खेती के साथ वैकल्पिक एवं अधिक लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि से किसानों को खेती में नए प्रयोग करने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने का अवसर मिल रहा है। इसी पहल से प्रेरित होकर सरगुजा जिले के युवा किसान अभिषेक सिंह ने धान के स्थान पर अदरक की खेती अपनाकर फसल विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है।

सरगुजा जिले की दरिमा तहसील अंतर्गत ग्राम लिबरा निवासी युवा किसान अभिषेक सिंह, पिता श्री मदन सिंह, पूर्व में अपनी कृषि भूमि पर मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। इस वर्ष उन्होंने अपनी लगभग आधा एकड़ भूमि में धान के स्थान पर अदरक की फसल लगाई है। अभिषेक सिंह को उम्मीद है कि अदरक की खेती से उन्हें धान की तुलना में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उनका यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की प्रोत्साहन योजनाओं से प्रेरित होकर किसान परंपरागत खेती के साथ नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

’अदरक की खेती से बेहतर आमदनी की उम्मीद’

युवा किसान अभिषेक सिंह बताते हैं कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए नई फसलों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस वर्ष धान के स्थान पर अदरक की खेती करने का निर्णय लिया। उन्हें उम्मीद है कि अदरक की अच्छी पैदावार और बाजार में उचित मूल्य मिलने से उनकी आमदनी बढ़ेगी। हालांकि, फसल की बिक्री के बाद ही वास्तविक लागत और मुनाफे का आकलन हो सकेगा। उनका मानना है कि शासन की ओर से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल प्रदान करती है।

’प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि का मिलेगा लाभ’

कृषक उन्नति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अभिषेक सिंह दरिमा स्थित सहकारी समिति में पंजीयन कराने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर पहले धान की खेती करते थे, उसी भूमि पर इस वर्ष अदरक की फसल लगाई है। योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सकता है। अभिषेक सिंह को भी पंजीयन एवं पात्रता संबंधी प्रक्रिया पूर्ण होने पर योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

’सहकारी समितियों में पंजीयन जारी, किसानों को किया जा रहा जागरूक’

कृषक उन्नति योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाने के लिए सरगुजा जिले की सभी सहकारी समितियों में पंजीयन का कार्य जारी है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को योजना के प्रावधानों, पात्रता और फसल विविधीकरण से होने वाले लाभों की जानकारी दी जा रही है। किसानों को धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राज्य शासन की मंशा है कि किसान परंपरागत खेती के साथ स्थानीय जलवायु, मिट्टी और बाजार की मांग के अनुरूप लाभकारी फसलों को अपनाएं, जिससे कृषि उत्पादन में विविधता आने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो सके। सरगुजा के युवा किसान अभिषेक सिंह की पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण है।

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे कृषक उन्नति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी नजदीकी सहकारी समिति से संपर्क कर पात्रता एवं पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त करें और निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन सुनिश्चित कराएं। फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की यह पहल किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।