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छत्तीसगढ़ का स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदर्शन रहा श्रेष्ठ

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स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 की सर्वेक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़़ राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट अवार्ड प्राप्त हुआ है। इस बार निगम ने एक हजार पन्नों का दस्तावेज इसके लिए तैयार किया था। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के लिए स्वच्छ शहरों, कस्बा और प्रदेशों के नाम की घोषणा की है। इस घोषणा में देश का सबसे स्वच्छ शहर जहां इंदौर को घोषित किया है, वहीं स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ राज्य को बेस्ट परफॉर्मिंग राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि रायपुर नगर निगम को ओडीएफ के साथ ही ओडीएफ डबल प्लस का प्रमाण पत्र पहली बार मिला है। वर्ष 2018-19में राजधानी रायपुर में स्वच्छता को लेकर विशेष तौर पर अभियान चलाया गया। इस बार नागरिकों में भी स्वच्छता के लिए आग्रह देखा गया। वर्ष 2017 में रायपुर को 129 वी रैंकिंग हासिल हुई थी।जबकि वर्ष 2018 में इसे 139 वीं रैंकिंग हासिल हुई थी। स्वच्छता की स्थिति जानने इस बार दिल्ली से बिना सूचना के टीम आई थी।इस बार निगम द्वारा 180 सुलभऔर 12985 घर में शौचालयों का निर्माण कराया गया।

झोपड़पट्टी इलाकों में भी महिलाओं के लिए शौचालय में ही सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने की पहल हुई।सर्वेक्षण में हर जोन के 2-2 तालाबों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ साथ पॉलीथिन बिनने ,अस्पतालों की साफ सफाई तथा फिल्टर प्लांट की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया।उल्लेखनीय है कि पिछले साल स्वच्छता अभियान में पिछड़ने के बाद इस बार पूरे राज्य में स्वच्छता अभियान को लेकर खास सतर्कता बरती गई। 5 वर्ष पूर्व अंबिकापुर नगर निगम द्वारा शुरू की गई श्रेष्ठ सफाई की व्यवस्था को पूरे राज्य में लागू करने की कोशिश की गई।उल्लेखनीय है कि अंबिकापुर में 40 वर्ष पुराने 22 एकड़ के डंपिंग यार्ड को सैनिटरी पार्क बना दिया गया है जो अभी खूबसूरत बगीचा नजर आता है। यहां पर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर छटनी की जाती है।

गीले कचरे के लिए कंपोस्ट मशीन लगाई गई है और 160 प्रकार का कचरा ठोस कचरे के रूप में यहां मिलता है। इसे सैनिटेशन सेंटर में से अलग-अलग किया जाता है और हर महीने इसकी बिक्री कर दी जाती है।उपलब्धि की बात तो यह है कि 3 साल में कचरा बेचने से नगर निगम को दो करोड़ की आमदनी हो चुकी है।अंबिकापुर के इस मॉडल को प्रदेश के सभी बड़े शहरों में लागू किया गया और अपेक्षित परिणाम मिलने लगे हैं। यही वजह है कि राज्य को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट घोषित किया गया है।

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