Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बोले- राहुल लगातार अशोभनीय काम...

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह बोले- राहुल लगातार अशोभनीय काम कर रहे

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM
 भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राहुल गांधी इस तरह बयान दे रहे थे जैसे वे सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुना रहे हों। डॉ. रमन ने कहा कि एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष को इस तरह झूठ का प्रचार करना शोभा नहीं देता और कांग्रेस अध्यक्ष तो संवैधानेत्तर आचरण प्रदर्शित कर रहे थे। डॉ. रमन ने कहा कि राफेल मुद्दे पर देश को लगातार गुमराह कर रहे राहुल गांधी ने देश की सबसे बड़ी अदालत तक के नाम पर दुष्प्रचार करने का कुत्सित प्रयास किया है। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं हैं लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष जिस तरह से आधार हीन बातों का हवामहल तैयार करते नजर आ रहे हैं, वह उनकी घनघोर हताशा का परिचायक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने झूठ को सच ठहराने के जोश में इस तरह होश खो दिया कि देश की जनता समझ गई कि आज भी वे पहले की तरह ही अपरिपक्व हैं।
जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के हित में वर्षों काम किया है और देश हित में संघर्ष किया है, उसके बाद उन्हें देश की जनता ने अपना नेता चुना हैं वैसा संघर्ष करने का माद्दा अगर राहुल गांधी में हैं तो वे सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक साजिशें क्यों रचते हैं? देश की जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं और देश की सबसे बड़ी अदालत के नाम पर झूठ की राजनीति क्यों फैला रहे हैं? डॉ. रमन ने कहा कि अब मामला सुप्रीम कोर्ट में हैं तो हमें पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी ने देश के प्रधानमंत्री को बदनाम करने के लिए जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के नाम का दुरुपयोग किया हैं, उसका उचित खामियाजा उन्हें भुगतना ही पड़ेगा और देश को यह पता चल जाएगा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस तरह के ओछे उपक्रम करने वालों का हश्र क्या होता हैं?