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17वीं लोकसभा आज से, लेकिन इस बार सदन में नहीं दिखेंगे राजनीति के ये दिग्गज चेहरे!

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17वीं लोकसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो रहा है. इसमें ट्रिपल तलाक सहित कई महत्वपूर्ण बिलों और आम बजट पर सभी की निगाहें होंगी. इस लोकसभा में एक बात खास होगी. वह यह कि 16वीं लोकसभा के कई बड़े चेहरे इस बार नहीं दिखेंगे. इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, सुमित्रा महाजन, हुकुमदेव नारायण यादव, योगी आदित्यनाथ, कमलनाथ, सुषमा स्वराज, एचडी देवगौड़ा और शरद पंवार शामिल हैं.

 लालकृष्ण आडवाणी गांधी नगर सीट पर लगातार पांच बार से लगातार सांसद चुने जा रहे थे. वो 1991 सहित कुल छह बार सांसद बने थे. लेकिन इस बार बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दी थी. उनकी जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह इस सीट से लोकसभा पहुंचे हैं.

लालकृष्ण आडवाणी गांधी नगर सीट पर लगातार पांच बार से लगातार सांसद चुने जा रहे थे. वो 1991 सहित कुल छह बार सांसद बने थे. लेकिन इस बार बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दी थी. उनकी जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह इस सीट से लोकसभा पहुंचे हैं.

 मुरली मनोहर जोशी 15वीं लोकसभा सभा यानी 2009 में वाराणसी से सांसद चुने गए थे लेकिन 16वीं में इस सीट से नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ा इसलिए उन्हें कानपुर भेज दिया गया. जोशी यहां से 2014 में सांसद बन गए. लेकिन 17वीं लोकसभा में उन्हें टिकट नहीं मिली. वो 1996, 1998 और 1999 में इलाहाबाद से सांसद बने. लेकिन इस साल चुनाव न लड़ने की वजह से वो संसद में नहीं दिखेंगे.

मुरली मनोहर जोशी 15वीं लोकसभा सभा यानी 2009 में वाराणसी से सांसद चुने गए थे लेकिन 16वीं में इस सीट से नरेंद्र मोदी ने चुनाव लड़ा इसलिए उन्हें कानपुर भेज दिया गया. जोशी यहां से 2014 में सांसद बन गए. लेकिन 17वीं लोकसभा में उन्हें टिकट नहीं मिली. वो 1996, 1998 और 1999 में इलाहाबाद से सांसद बने. लेकिन इस साल चुनाव न लड़ने की वजह से वो संसद में नहीं दिखेंगे.

 उमा भारती झांसी से सांसद थीं. वो पिछली मोदी सरकार में मंत्री रही हैं. लेकिन 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा. इसलिए वो भी संसद में इस बार नहीं दिखेंगी.

उमा भारती झांसी से सांसद थीं. वो पिछली मोदी सरकार में मंत्री रही हैं. लेकिन 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा. इसलिए वो भी संसद में इस बार नहीं दिखेंगी.

 सुषमा स्वराज 2009 और 2014 में मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से सांसद चुनी गईं थीं. लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें चुनाव नहीं लड़वाया था. उन्हें मंत्री भी नहीं बनाया गया, ऐसे में संसद में उनका भाषण सुनने को नहीं मिलेगा.

सुषमा स्वराज 2009 और 2014 में मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से सांसद चुनी गईं थीं. लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें चुनाव नहीं लड़वाया था. उन्हें मंत्री भी नहीं बनाया गया, ऐसे में संसद में उनका भाषण सुनने को नहीं मिलेगा.

 इंदौर से सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी इस बार चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए उन्हें भी हम इस बार लोकसभा में नहीं सुन पाएंगे.

इंदौर से सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी इस बार चुनाव नहीं लड़ा, इसलिए उन्हें भी हम इस बार लोकसभा में नहीं सुन पाएंगे.

 हुकुमदेव नारायण यादव बिहार की मधुबनी लोकसभा सीट से सांसद थे. लेकिन बीजेपी ने 2019 के लिए उनके बेटे अशोक यादव को मैदान में उतारा था. उन्हें जनता ने जिताकर लोकसभा भेजा है. इसलिए हुकुमदेव नारायण यादव का जोशीला भाषण हमें इस बार लोकसभा में सुनने को नहीं मिलेगा.

हुकुमदेव नारायण यादव बिहार की मधुबनी लोकसभा सीट से सांसद थे. लेकिन बीजेपी ने 2019 के लिए उनके बेटे अशोक यादव को मैदान में उतारा था. उन्हें जनता ने जिताकर लोकसभा भेजा है. इसलिए हुकुमदेव नारायण यादव का जोशीला भाषण हमें इस बार लोकसभा में सुनने को नहीं मिलेगा.

 योगी आदित्यनाथ एवं कमलनाथ 16वीं लोकसभा के सांसद थे लेकिन योगी यूपी के सीएम बन गए और कमलनाथ एमपी के, इसलिए इन दोनों नेताओं की आवाज भी लोकसभा में नहीं सुनने को मिलेगी.

योगी आदित्यनाथ एवं कमलनाथ 16वीं लोकसभा के सांसद थे लेकिन योगी यूपी के सीएम बन गए और कमलनाथ एमपी के, इसलिए इन दोनों नेताओं की आवाज भी लोकसभा में नहीं सुनने को मिलेगी.

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए. उन्होंने तुमकुर सीट से चुनाव लड़ा था. जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के संस्थापक देवगौड़ा 16वीं लोकसभा के लिए कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से चुनकर आए थे.