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देश में नौकरियां बढ़ाने पर अर्थशास्त्रियों ने दिए सुझाव, PM मोदी की बैठक हुई खत्म

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5 जुलाई को पेश होने वाले पूर्ण बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ आर्थिक हालात पर हुई बैठक खत्म हो गई है. देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ावा देने और नौकरियों के मौके बढ़ाने को लेकर करीब 45 अर्थशास्त्रियों और बड़ी कंपनियों के प्रमुखों ने पीएम मोदी को सुझाव दिए है. बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि यह बजट से पहले हो रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को बजट पेश करेंगी. माना जा रहा है कि देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए वित्त मंत्री अर्थशास्त्रियों से मंथन के बाद कुछ बड़े कदम उठा सकते हैं. आपको बता दें कि नीति आयोग में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार समिति के चेयरमैन बिबेक देबरॉय, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरण, आईटीसी लिमिटेड सीईओ संजीव पुरी और वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल मौजूद रहे.

इन सभी ने अर्थव्यवस्था, नौकरियां, एग्रीकल्चर, जल संसाधन, एक्सपोर्ट, शिक्षा और हेल्थ जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव दिए. आपको बता दें कि मोदी सरकार के सामने देश की आर्थिक ग्रोथ को पटरी पर लाने की सबसे बड़ी चुनौती उनके सामने खड़ी है. पिछले महीने जारी हुए जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों के मुताबिक 2018-19 की चौथी तिमाही में विकास दर सिर्फ 5.8 प्रतिशत रही, जो 5 साल का न्यूनतम स्तर है.

दूसरी ओर 2017-18 में बेरोजगारी 45 साल के उच्च स्तर 6.1 फीसदी पर पहुंच गई. पिछले कार्यकाल में बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. विपक्ष ने चुनाव में इसे बड़ा मुद्दा बनाया था.

कुछ दिनों पहले नीति आयोग की बैठक में पीएम ने कहा था कि भारत को साल 2024 तक 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है. पीएम ने इस संबंध में राज्यों से जिला स्तर से जीडीपी बढ़ाने के लिए टारगेट सेट करने को कहा था.