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द हितवाद के समाचार संपादक मुकेश एस. सिंह को डी.पी. चौबे स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार, राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर पीआरएसआई रायपुर का भव्य आयोजन,

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द हितवाद के समाचार संपादक मुकेश एस. सिंह को डी.पी. चौबे स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार, राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर पीआरएसआई रायपुर का भव्य आयोजन, जनसंपर्क और पत्रकारिता क्षेत्र की हस्तियों को मिला सम्मान

// डी.पी. चौबे स्मृति पुरस्कार से वरिष्ठ पत्रकार मुकेश एस. सिंह सम्मानित
// प्रो. डॉ. दिलीप सिसोदिया ने कहा— एआई और इंसान के समन्वय से मिलेंगे सार्थक परिणाम
//अदाणी एवं बालको समूह, एनआईटी, मीडिया और जनसंपर्क क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
// मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी शुभकामनाएं, समाज सेवा और पत्रकारिता का मिला समादर

रायपुर, 22 अप्रैल। पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) रायपुर चैप्टर द्वारा 21 अप्रैल को एनआईटी कैंपस स्थित गोल्डन टावर सभागार में आयोजित 38वें राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के मीडिया, संचार और जनसंपर्क क्षेत्र से जुड़ी आठ विशिष्ट हस्तियों को राष्ट्रीय स्मृति पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर The Hitavada रायपुर के समाचार संपादक और वरिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह को उनकी तीन दशकों की निर्भीक, विश्लेषणात्मक और जनहित पर केंद्रित पत्रकारिता के लिए “डी.पी. चौबे स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार स्वर्गीय डी.पी. चौबे जी की स्मृति में स्थापित किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित पत्रकार, बिलासपुर टाइम्स के पूर्व समाचार संपादक और बिलासपुर प्रेस क्लब के प्रेरणास्रोत रहे हैं। वे शहीद आईपीएस अधिकारी विनोद कुमार चौबे के पूज्य पिता थे, जो राजनांदगांव में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्य करते हुए नक्सली हमले में शहीद हुए थे। यह पुरस्कार पत्रकारिता की गरिमा के साथ-साथ समर्पण, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा की विरासत का भी प्रतीक है।

मुकेश एस. सिंह को यह सम्मान राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय अपराधों, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई, नीति विसंगतियों, भर्ती घोटालों और जनहित से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए प्रदान किया गया। The Hitavada में प्रकाशित उनकी कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स ने शासन-प्रशासन को झकझोरा है, जिनमें महादेव ऑनलाइन सट्टा घोटाला, शराब घोटाला, सीजीपीएससी भर्ती घोटाला जैसे मामले प्रमुख रहे हैं। उनकी लेखनी ने जनता की आवाज़ बनकर पत्रकारिता को जनसरोकार से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है।

कार्यक्रम के दौरान अन्य पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में पं. स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी स्मृति पुरस्कार से जनसंपर्क विभाग के उपसंचालक सौरभ शर्मा, बबन प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से उपसंचालक नसीम अहमद, रमेश नैयर स्मृति पुरस्कार से सम्यक क्रांति, सूरजपुर के संपादक एस.के. रूप, इरा झा स्मृति पुरस्कार से डॉ. कीर्ति सिसोदिया (संपादक व निदेशक, सी-पॉज़िटिव वेब पोर्टल रायपुर), परितोष चक्रवर्ती स्मृति पुरस्कार से गुरु घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर के जनसंपर्क अधिकारी सत्येश भट्ट और रामशंकर अग्निहोत्री स्मृति पुरस्कार से बाल्को के डिप्टी हेड एक्सटर्नल अफेयर्स विजय वाजपेई को सम्मानित किया गया।

समारोह के प्रमुख वक्ता, एनआईटी रायपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सकारात्मक उपयोग एवं जनसंपर्क की भूमिका” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि एआई की भूमिका जनसंपर्क में सहायक है, बाधक नहीं। उन्होंने कहा कि एआई मानवीय संवेदनाओं को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता, बल्कि यह उन्हें सशक्त करने का माध्यम है। जब एआई प्रेस नोट या रिलीज़ का मसौदा तैयार करता है, तब पीआर प्रोफेशनल उसमें संवेदनशीलता और रणनीति जोड़ते हैं, जो संवाद को प्रभावी बनाता है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार वरुण सखाजी श्रीवास्तव (डिप्टी एग्जीक्यूटिव एडिटर, IBC-24) ने पत्रकारिता और जनसंपर्क के सामाजिक दायित्व पर बल देते हुए कहा कि मीडिया कर्मी सिर्फ पेशेवर नहीं बल्कि समाज के प्रति जवाबदेह कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि जनहित, पारदर्शिता और नैतिकता को प्राथमिकता देने वाले पीआर प्रोफेशनल्स और पत्रकार ही लोकतंत्र के सही प्रहरी हैं।

गेस्ट ऑफ ऑनर सुश्री शुचि मिश्रा (हेड – पीआर एंड कम्युनिकेशन, BALCO) ने कहा कि सच्चाई और वस्तुनिष्ठता जनसंपर्क का मूल आधार है। उन्होंने तकनीक के सकारात्मक उपयोग और पत्रकारिता में आंखों देखी रिपोर्टिंग की महत्ता को रेखांकित किया।

इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक आलोक देव ने सौरभ शर्मा और नसीम अहमद की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों की लेखनी, डिज़ाइन और विषय चयन जनसंपर्क पेशेवरों के लिए प्रेरणास्पद है। उन्होंने कहा कि पीआर के क्षेत्र में सच्चाई, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ दायित्व निर्वहन ही जनविश्वास का आधार है।

समारोह में विशिष्ट उपस्थिति रही डॉ. प्रतीक पांडे की, जो अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, छत्तीसगढ़ के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) के रूप में कार्यरत हैं। उनके साथ समाजसेवी श्रीमती निघत परवीन खान, जो शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्व. आई.एच. खान की धर्मपत्नी हैं, कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहीं। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार श्री मनीष वोरा, मोमिनपारा के शिया समुदाय के विद्वान मौलाना गौहर अली, कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य साहिल हुसैन, मोमिनपारा के युवा शिया विद्वान कैफ़ अब्बास, पैनासोनिक इंडिया, रायपुर के आफ्टर सेल्स एंड सर्विस एक्जीक्यूटिव रिज़वान हैदर और रायपुर के प्रमुख यूज्ड कार कारोबारी फ़िरोज़ ख़ान की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और भी ऊंचा किया।

कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के जनसंपर्क अधिकारी विकास शर्मा ने कुशलता से किया।

समारोह का स्वागत भाषण पीआरएसआई रायपुर चैप्टर के चेयरमैन डॉ. शाहिद अली ने दिया, जबकि आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार गिरिश मिश्र, संस्था के सचिव डॉ. कुमार सिंह तोप्पा, कोषाध्यक्ष डॉ. दानेश्वरी संभाकर, वरिष्ठ पीआर अधिकारी छगनलाल लोन्हारे, मनीष मिश्रा, घनश्याम केशरवानी, डॉ. ओम प्रकाश डहरिया, रितुलता तारक, सृष्टि सिंह, भारती गजपाल, रुखसार परवीन सहित अनेक जनसंपर्क, पत्रकारिता और साहित्य जगत से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संदेश भेजकर जनसंपर्क दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं और पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी पेशेवरों को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई दी।

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