Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक : नियम...

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक : नियम में बदलाव

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि नई सरकार द्वारा वर्ष 2005 में बनाए गए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि नियम में संशोधन किया है। पहले जहां निर्माण कार्याें पर जोर था, वहीं संशोधन के बाद अब स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, जल संरक्षण, पशु सेवाएं, रोजगार मूलक योजनाएं, कौशल उन्नयन जैसे अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं में भी कार्य किये जा सकेंगे। इनके माध्यम से हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक योजनाओं को स्वीकृत किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत राशि के कार्याे से हितग्राही और समुदाय के जीवन में परिवर्तन आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के संबंध में सुझाव दें, तो उनके अमल से हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। बैठक में सदस्यगणों ने इन नियमों में बदलाव का स्वागत किया और कहा कि इससे अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक सामाजिक विकास में मदद मिलेगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से मिनी माता स्वावलंबन योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर दुकान एवं कार्यशील पूंजी हेतु 2 लाख तक की राशि दी जाती है। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के असाध्य पंपों के ऊर्जीकरण के लिए अनुदान राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री ने योजनाओं को सामान्य जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में पाम्पलेट का वितरण और दीवार लेखन जैसे कार्य करने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे नागरिकों से बातचीत एवं सम्पर्क के दौरान उन्हें इन योजनाओं की जानकारी दें, जिससे ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को लाभान्वित किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री कहा कि प्राधिकरण के तहत नये कार्याे को स्वीकृति प्रदाय करने केे लिए जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया जाएगा। सभी संबंधित जिला कलेक्टर अपने जिलों में जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव प्राप्त कर एवं बैठक लेकर प्राथमिकता आधार पर प्रस्ताव 10 जुलाई तक प्राधिकरण को भेजना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री के उप सचिव तथा आयुक्त-सह-संचालक जनसंपर्क संचालनालय श्री तारण प्रकाश सिन्हा ने ऑडियो-वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से प्राधिकरण के नियमों मंे किए गए बदलाव तथा प्राधिकरण के माध्यम से कार्याें तथा बजट एवं संचालित कार्याे की जानकारी दी।  

बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, विधायकगण, जिला पंचायत के अध्यक्षगण, मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, पुलिस महानिदेशक श्री डी. एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सर्वश्री के.डी.पी. राव, आर. पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी, जिला कलेक्टर उपस्थित थे।