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जानिए किसने ख़रीदा ? इतने करोड़ में बिका दुनिया का सबसे महंगा जूता,

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क्या आपने कभी सोचा है 3 करोड़ का जूता पहने का? यदि कोई जूतों का शौकीन भी होगा, तो भी अपने वॉडरॉब इतना महंगा जूते रखने से पहले कई सोचेगा. लेकिन दुनिया में एक सज्जन ने हैं जिन्होंने एक जूता 3 करोड़ रुपए का ख़रीदा है. एंटीक चीजों के खरीदने के अपने शौक के चलते इस शख्स ने 3 करोड़ रुपये के जूते खरीदे हैं. अमेरिका के न्यूयोर्क ऑक्शन हाऊस सूदबे ने कहा है कि सन् 1972 में बने नाईक वेफल रेसिंग फ्लैट ‘मून शू’ की जोड़ी मंगलवार को हुई निलामी में 4,37,500/- अमरीकी डॉलर यानि लगभग 3 करोड़ रुपये में हुई है. यह स्पोर्ट शू यानि स्नीकर की बिक्री का एक विश्व रिकार्ड है.

इस शक्स ने ख़रीदा दुनिया का सबसे महंगा जूता
ऑक्शन करने वाली कंपनी सूदबे के अनुसार यह स्नीकर्स पुरानी चीजों का संग्रह करने वाले माईल्स नाडाल ने खरीदे हैं. कंपनी के अनुसार निलामी से पहले स्नीकर्स की निम्मतम कीमत 1,60,000 अमेरिकी डॉलर रखी गई थी, लेकिन उसकी बिक्री उससे दोगुनी से भी अधिक कीमत पर हुई. नाडाल ने इस ‘मून शू’ पेयर के ‌अलावा अन्य 99 शूज़ भी 8 लाख 50 हजार डॉलर में खरीदे.

ऑक्शन अपने नाम करने के बाद नाडाल ने अपने बयान में कहा कि इस ऐतिहासिक नाईक ‘मून शू’ अपने नाम करके मैं काफी उत्साहित हूं. स्नीकर्स की इस जोड़ी का खेल की दुनिया और पॉप कल्चर में ऐतिहासिक महत्व है.

बता दें कि नाडाल पुरानी और ऐतिहासिक चीजों के कलेक्शन के लिये दुनिया भर में जाने जाते हैं. उनकी योजना है कि वे कनाडा के टोरेन्टो स्थित अपने प्राईवेट म्यूजियम में इन स्नीकर्स के अलावा अपनी क्लासिक कारों की प्रदर्शनी आयोजित करें. इस प्रदर्शनी में वे अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों, चैरीटेबल संस्थाओं और अन्य चुनींदा लोगों को ही सिर्फ निमंत्रण के आधार पर प्रवेश देंगे. 2 लाख रु लगाकर महीने में 50 हजार कमाएं, शुरू करें ये बिज़नेस 

1972 ओलंपिक के ट्रायल्स के लिए बनाए गए थे ये जूते
इतनी भारी कीमत में बिकने वाले इस नाईक स्नीकर्स का अपना पुराना इतिहास रहा है. 1972 ओलंपिक के ट्रायल्स के लिये एथलीटों के लिये नाईक कंपनी के को-फाउन्डर और ओरेगोन युनिवर्सिटी के मशहूर ट्रेक कोच बिल बोवरमेन ने इन जूतों की डिजाईन की थी और ऐसे सिर्फ 12 जोड़ी जूते बनाए गए थे. मंगलवार को जिस जूते की निलामी हुई है वह स्नीकरर्स के वो पैर है जिसे अब तक किसी ने पहना नहीं है.