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यहाँ मिला समुद्र की गहराई में 1200 साल पुरना मंदिर और रत्नों से भरे नाव

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मिस्र की सभ्यता और संस्कृति दुनिया में सबसे प्राचीन मानी जाती है. यहां समय-समय पर खुदाई के दौरान ऐसी कला-कृतियां मिली हैं, जो हजारों साल पुरानी थीं. इससे वहां की सबसे प्राचीनतम सभ्यता के बारे में दुनिया को जानकारी मिलती है. हाल ही में समुद्र की गहराई में एक रहस्यमयी मंदिर मिला है. इस मंदिर के बारे में कहा जा रहा है कि करीब 1200 साल पुराना है. मंदिर के साथ ही खजाने से लदे हुए नाव भी मिले हैं, जिनसकी कीमत करोड़ों में है.

 जानकारी के मुताबिक, मंदिर हेराक्लिओन शहर के उत्तरी हिस्से में मिला है, जिसे मिस्र का खोया हुआ शहर अटलांटिस कहा जाता है. इसकी खोज करने वाले पुरातत्वविदों के मुताबिक, प्राचीन समय में हेराक्लिओन को मंदिरों का शहर कहा जाता था. लेकिन करीब हजार साल पहले आए सुनामी के कारण यह शहर पानी में डूब गया.

जानकारी के मुताबिक, मंदिर हेराक्लिओन शहर के उत्तरी हिस्से में मिला है, जिसे मिस्र का खोया हुआ शहर अटलांटिस कहा जाता है. इसकी खोज करने वाले पुरातत्वविदों के मुताबिक, प्राचीन समय में हेराक्लिओन को मंदिरों का शहर कहा जाता था. लेकिन करीब हजार साल पहले आए सुनामी के कारण यह शहर पानी में डूब गया.

 अमर उजाला डॉट कॉम के मुताबिक, समुद्र की गहराई में कई प्राचीन इमारतें और मिट्टी के बर्तन भी मिले हैं, जो करीब 2000 साल पुराने हैं. मिस्र और यूरोप के पुरातत्वविदों ने मिलकर ये अनोखी खोज की है.

अमर उजाला डॉट कॉम के मुताबिक, समुद्र की गहराई में कई प्राचीन इमारतें और मिट्टी के बर्तन भी मिले हैं, जो करीब 2000 साल पुराने हैं. मिस्र और यूरोप के पुरातत्वविदों ने मिलकर ये अनोखी खोज की है.

 पिछले 15 सालों में यहां समुद्र से गोताखोरों ने 64 प्राचीन नाव, सोने के सिक्कों का खजाना, 16 फीट ऊंची मूर्तियां और विशाल मंदिर के अवशेषों को खोजा है.

पिछले 15 सालों में यहां समुद्र से गोताखोरों ने 64 प्राचीन नाव, सोने के सिक्कों का खजाना, 16 फीट ऊंची मूर्तियां और विशाल मंदिर के अवशेषों को खोजा है.

 जानकारी के मुताबिक, मंदिर के साथ-साथ यहां समुद्र में कुछ नावें भी मिली हैं, जिसमें तांबे के सिक्के और ज्वैलरी लदे हुए हैं. ये सिक्के राजा टॉलमी द्वितीय के कार्यकाल यानी तीसरी शताब्दी के हैं.

जानकारी के मुताबिक, मंदिर के साथ-साथ यहां समुद्र में कुछ नावें भी मिली हैं, जिसमें तांबे के सिक्के और ज्वैलरी लदे हुए हैं. ये सिक्के राजा टॉलमी द्वितीय के कार्यकाल यानी तीसरी शताब्दी के हैं.