Home छत्तीसगढ़ रहस्य : यहां हर साल बढ़ता है शिवलिंग का आकार, सावन में...

रहस्य : यहां हर साल बढ़ता है शिवलिंग का आकार, सावन में भक्तों की होती है भीड़

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

हमारे भारत में भगवान के अनेकों चमत्कारी मंदिर हैं जहां भक्त भगवान के दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं। सावन का पावन माह भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन माह में भगवान शिव के सभी मंदिरों भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। आज हम आपको एक ऐसे खास मंदिर और यहां मौजूद शिवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। इससे जुड़ा रहस्य बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला है। सावन के महीने में यहां भी बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।

इस मंदिर को भूतेश्वर नाथ के नाम से जाना जाता है और ये छत्तीसगढ़ राज्य के गरियाबंद जिले के मरौदा गांव में घने जंगलों के बीच स्थित है। यहा मौजूद शिवलिंग को विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस शिवलिंग से जुड़ी सबसे रहस्यमयी बात ये है कि इसकी लंबाई हर साल 6 से 8 इंच बढ़ जाती है। यहां के स्थानीय लोगों ने इस शिवलिंग के प्रति बहुत आस्था है। प्रतिवर्ष इसकी ऊंचाई भी नापी जाती है।

यह शिवलिंग यहां कहां से आया, इसे लेकर कोई भी जानकारी नहीं है। एक कहानी के अनुसार सैकड़ो साल पहले यहां के निवासी शोभा सिंह अक्सर अपनी खेती-बाड़ी का जायजा लेने के लिए इस क्षेत्र में आते थे। शोभा सिंह जब भी शाम को अपने खेतों में घुमते हुए यहां आते, तो एक विशेष प्रकार के टीले के पास उन्हें सांड के बोलने और शेर जैसे किसी जानवर के दहाड़ने की आवाज सुनाई देती थी। कुछ दिनों बाद उन्होंने यह बात अपने गांव वालों को बताई।

गांव वालों को भी यही अनुभव हुआ लेकिन आसपास के इलाके में बहुत खोजने पर भी उन्हें कोई जानवर नजर नहीं आया। इसके बाद गांव वालों की श्रद्धा इस टीले के प्रति बढ़ती गई और वे इसे शिव का रूप मानकर पूजने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार यह टीला पहले छोटा था लेकिन धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई और गोलाई बढ़ती चली गई जो अब भी जारी है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान शिव की पूजा करने से हर मनोकामना जरूर पूर्ण होती है।