Home जानिए ये है माता का चमत्कारी मंदिर,होता है ऐसा चमत्कार,देखने के लिए लगा...

ये है माता का चमत्कारी मंदिर,होता है ऐसा चमत्कार,देखने के लिए लगा रहता है लोगों का तांता

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

 दुनिया में कई मंदिर हैं जो अपने चमत्कारो के चलते पूरी दुनिया में फेमस है।हम जानते है कि हमारा देश आस्था का देश है और इसके चलते मंदिरों में भीड़ लगी रहती है आज आप को एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसमें रोज चमत्कार होता है। जिसको देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहता है।

कहते है कि साई बाबा ने घी नहीं होने पर पानी से दीपक जलाए थे।लेकिन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बता रहे है जो रहस्य के लिए जाना जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि माता के इस मंदिर में दिपक जलाने के लिए घी की जरूरत नहीं होती है बल्कि मंदिर में पानी से ही दीपक जलता है।

ये आज से कई सैकड़ों सालो से होता आ रहा है।जानकारी के लिए बता दें कि हम बात कर रहे है मध्य प्रदेश से शाहाजापुर जिले में स्थित गड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से फेमस मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे आगरा मालवा के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।बताया जा रहा है कि इस मंदिर में पिछले पांच साल से एक दीपक जल रहा है।मंदिर के पुजारी ने बता है कि ये जोत किसी भी तरह के ईधन से नहीं जल रही है

बल्कि दुश्मनों के पानी से जल रही है। मंदिर के बारे में पुजारी सिद्धूसिंह बताते हैं कि पहले यहां हमेशा तेल का दीपक जला करता था, लेकिन करीब पांच साल पहले उन्हें माता ने सपने में दर्शन देकर पानी से दीपक जलाने के लिए कहा। मां के आदेश के अनुसार पुजारी ने वैसा ही किया।माता के आदेश के अनुसार पुजारी ने कालीसिंद नदी से पानी भरा औऱ दीपक में डाला।जब उसको जलाने की कोशिश की गई तो वो जल गया।

जब ये चमत्कार हुई तो पुजारी घबरा गया औऱ कुछ महीनों तक किसी को भी कुछ नहीं बताया।महीनों बाद पुजारी ने गांव के लोगों को इस बारे में बताया। पहले तो किसी ने भी विश्वास नहीं किया लेकिन जब दीपक में पानी डालकर जोत जलाई गई तो सब हैरान रह गए। बता दें कि ये दीया बारिश के समय में नहीं जलता है।