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दो और पर्यटन सूचना केंद्र बंद, प्रदेश से बाहर अब सिर्फ दिल्ली में ही केंद्र

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 राज्य सरकार ने प्रदेश के बाहर चल रहे पर्यटन सूचना केंद्र को बंद करने का फैसला किया है। दावा है कि इन केंद्रों से पिछले कई साल से इनकम नहीं हो रही, बल्कि इन्हें चलाने के लिए पर्यटन मंडल हर माह एक लाख रुपए खर्च कर रहा है। प्रदेश के कुल 18 केंद्र देश में थे। इनमें से 2 पिछली सरकार ने बंद किए थे। और इस सरकार ने अब तक कुल 5 केंद्रों पर ताला जड़ दिया है।


पिछली भाजपा सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में कुल 18 पर्यटन सूचना केंद्र (टीआईसी) बनाए थे। लेकिन जिन केंद्रों में केंद्र खुले वहां से सैलानी छत्तीसगढ़ आए ही नहीं। हालांकि, इसके पीछे उनके अपने शहरों से दूरी के अलावा नक्सल समस्या भी एक कारण रही। इस वजह से ये टीआईसी मंडल के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे थे। नतीजतन पिछली सरकार ने पहले इन केंद्रों के आॅपरेशनल बजट में कटौती की और धीरे-धीरे इन केंद्रों को बंद करने का नीतिगत फैसला ले लिया था। पहले हैदराबाद और वैजाग के केंद्र बंद किए गए।


कांग्रेस की नई सरकार के पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने दो माह पहले बोर्ड के कामकाज की समीक्षा करते हुए अन्य केंद्रों को भी बंद करने की अनुमति दे दी थी। इसी सिलसिले में मंडल ने अब कोलकाता, अहमदाबाद, नागपुर और भोपाल के टीआईसी को बंद करने का फैसला ले लिया है। इतना ही नहीं मंडल ने राज्य के भीतर भी चल रहे टीआईसी पहले माना-तूता और अब चंपारन (राजिम) को भी बंद कर दिया है। 

करोड़ों में बने 52 मोटल खंडहर हो रहे 
इधर, राज्य आने वाले पर्यटकों को रेसिडेंसियल सुविधा देने मंडल ने सरगुजा से लेकर बस्तर तक करोड़ों की लागत से 52 मोटल भी बनवाए थे, जो इन 15 सालों में खंडहर होकर रह गए हैं। पर्यटकों की कमी और आय न होने से इन्हें भी बंद करने की तैयारी चल रही है। वैसे मंडल इनमें से कुछ को निजी होटल ग्रुप को लीज पर देकर चलाने का प्रयास कर रहा है। इस समय गंगरेल(40 लाख सालाना) और सिरपुर के मोटल लीज पर दिए गए हैं। वहीं मैनपुर और सरोदादादर को लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है।


रिस्पॉन्स नहीं था, पिछली सरकार ने भी केंद्र बंद किए थे 
हमने कुछ माह पहले इन पर्यटन सूचना केंद्रों की वायबिलिटी समीक्षा की थी। इसमें कुछ केंद्रों से अच्छा रिस्पाॅन्स नहीं था और खर्च भी बढ़ रहा था। हम चरणबध्द तरीके से बंद करेंगे। अभी हम तीन केंद्रों को बंद कर रहे हैं। पिछली सरकार ने भी बंद किए थे। -ताम्रध्वज साहू, मंत्री पर्यटन