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ऑनलाइन मार्केट में भी रौनक, बकरीद 2019: 3 लाख कीमत तक के बकरे खरीद रहे लोग

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कपड़े, मोबाइल, टीवी, फ्रीज-एसी, कूलर तो खूब ऑनलाइन बिकते हैं, लेकिन अब ईद पर कुर्बानी के लिए बकरों की भी ऑनलाइन खरीदारी हो रही है। ऑनलाइन मार्केट में पांच हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक हर नस्ल के बकरे ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। यहां मंडियों की तरह दामों की बोली का खेल नहीं चलता, तयशुदा कीमत पर ही बकरों की खरीद होती है। और अन्य सामानों की तरह ही डिलीवरी के बाद पसंद न आने पर आप बकरे को वापस भी लौटकर अपने पैसे भी ले सकते हैं। बकरों की ऑनलाइन खरीद से दलाली भी बच जाती है।

ईद पर बकरों की बिक्री का धंधा करने वाले मुनाफे के लिए तमाम वह प्रयास कारते हैं, जो बकरों के लिए जानलेवा बन जाते हैं। जैसे कि बकरों को मोटा दिखाने के लिए उन्हें बेचने से पहले खूब बीयर पिलाई जाती है, जिससे वह भारी भरकम दिखने लगता है। बकरों में हवा भी भर दी जाती है, जिससे वह खरीदते वक्त मोटा दिखता है। इसके अलावा, बकरों की बिक्री में दलाली और बोली का भी खूब खेल चलता है, जिससे उनकी कीमते भी ज्यादा चुकानी पड़ती हैं। लेकिन, अब इन सब झंझटों से दूर लोग ऑनलाइन बकरों की खरीद कर रहे हैं। इसमें कोई भी व्यक्ति अपनी हैसियत के हिसाब से कुर्बानी के लिए बकरा खरीद सकता है।

सहारनपुर में बढ़ी डिमांड

मेट्रो सिटी की तर्ज पर सहारनपुर में भी ऑनलाइन बकरों की डिमांड बढ़ गई है। ऑनलाइन बाजार में पंजाबी के साथ राजस्थानी नस्ल के बकरे मौजूद हैं। बकरों की कीमत पांच हजार से तीन लाख तक रुपये तक है।

दलालों के कमीशन से छुटकारा

समाजसेवी आरिफ खान बताते है कि मंडियों में दलालों के कमीशन के कारण बकरों के रेट बढ़ जाते हैं, जिस कारण लोग अब ऑनलाइन खरीदारी की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। ऑनलाइन खरीदार में बेचने वाले और खरीदार के बीच सीधा संपर्क होता है।

पसंद न आने पर बदला जा सकता है बकरा

यदि किसी ने ऑनलाइन बकरा पसंद किया और उसका पेमेंट कर दिया, लेकिन कुछ घंटों बाद भी यदि वह परिवार के बाकी सदस्यों को पसंद नहीं आया तो उसे वापस कर दूसरा बकरा खरीदा जा सकता है या अपने पैसे वापस ले सकता है।

जमुनापरी और तोतापरी की ज्यादा डिमांड

ऑनलाइन बाजार में जमुनापरी, तोतापरी सिरोही, सुजाद, तुर्की, पंजाबी और राजस्थानी नस्ल के बकरे मौजूद हैं। सबसे ज्यादा जमुना परी और तोतापरी बकरे की डिमांड ऑनलाइन की जा रही है।

मंडियों में बिक्री पर पड़ेगा असर

ऑनलाइन बकरा बिकने का असर मंडियों पर भी देखा जा रहा है। लोग बिना मंडी जाएं अपनी पसंद का बकरा ऑनलाइन खरीद रहे। कंबोह का पुल स्थित मंडी में बकरा कारोबारी गुलवेज का कहना था कि ऑनलाइन बकरा बिकने का असर मंडियों पर पड़ेगा। ऑनलाइन बकरा खरीदनें से नस्ल की अच्छी तरह पहचान नहीं होती, जबकि मंडी आकर ग्राहक खुद नस्ल की पहचान करता है।