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घरो के रसोई से प्याज हो रहा गायब, जानिए आखिर क्या हैं कारण..

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भारी बारिश के कारण नासिक से आने वाले प्याज की आवक इन दिनों आधी हो गई है। इसकी वजह से पांच दिनों पहले 20 रुपये किलो में बिकने वाला प्याज 25 रुपये किलो हो गया है यानी रोज ही एक रुपये की बढ़ोतरी हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि अब त्योहार शुरू हो गए हैं और आवक की तुलना में डिमांड जबरदस्त है।

ऐसे में कीमत में और तेजी के ही संकेत हैं। बताया जा रहा है कि हफ्ते भर पहले प्याज की रोजाना आवक 15 से 17 गाड़ियां हो रही थीं, लेकिन शुक्रवार को आवक सात से आठ गाड़ियां ही आईं। सप्लाई आधी होने और डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी होने के कारण प्याज की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।

कारोबारियों के अनुसार महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश के चलते नासिक से आने वाली प्याज खराब होने के साथ ही पूरी तरह से प्रभावित हो गई है, जबकि आवक की तुलना में त्योहार के चलते इसकी डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई। इसका असर यह हुआ कि प्याज की कीमत में 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो गई और यह 2000-2200 रुपये प्रति क्विंटल बिकी।

थोक में बढ़ोतरी के साथ ही चिल्हर में भी प्याज की कीमत 25-26 रुपये किलो बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमत में और बढ़ोतरी हो सकती है। बताया जा रहा है कि अभी प्याज की आवक नासिक से ही हो रही है और भारी बारिश के चलते फसल भी कमजोर हुई है। साथ में आवक भी आधी हो गई है।

शुक्रवार को थोक बाजार के साथ चिल्हर बाजार में भी प्याज की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी रही। थोक में ही प्याज की कीमत 2000-2200 रुपये प्रति क्विंटल और चिल्हर में 25 से 26 रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि रक्षाबंधन के साथ ही त्योहार की शुरुआत अब हो गई है।

ऐसे में इसकी डिमांड बढ़ना स्वाभाविक है। डिमांड में आई तेजी के चलते प्याज की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। थोक सब्जी व्यापारी संघ के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी का कहना है कि नासिक से आने वाली प्याज की आवक आधी हो गई है।

दूसरी सब्जियां भी महंगी

लोकल और बाहरी क्षेत्रों से आवक कम होने के कारण दूसरी सब्जियों की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी आ गई है। टमाटर थोक में ही 900 रुपये कैरेट और चिल्हर में 40 रुपये किलो, गोभी 60 रुपये किलो, बरबट्टी 40 रुपये किलो, परवल 70 रुपये किलो, पत्ता गोभी 40 रुपये किलो बिक रहा है। कारोबारियों का कहना है कि आवक की कमी के चलते आने वाले दिनों में भी इनकी कीमतों में कोई सुधार के संकेत नहीं हैं।