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BJP के संकट मोचन थे अरुण जेटली, इस दिग्गज नेता ने शेयर की उनसे जुड़ी खास यादें

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कुछ ऐसा थी उनकी शख्सियत:

पूर्व वित्त मंत्री (Former Finance Minister) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को निधन हो गया है. दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद उन्होने अंतिम सांस लीं. अरुण जेटली को कुछ दिन पहले ही सांस लेने में तकलीफ होने के बाद AIIMS में एडमिट कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी. बता दें कि जेटली काफी समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे. इस के कारण उन्‍होंने लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Election 2019) में बीजेपी को मिली जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को एक पत्र लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने की बात कही थी. जेटली के निधन के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी शोक की लहर (Wave of grief) है. सूबे के कई दिग्गज नेताओं ने उन्हे श्रद्धांजलि (tribute)दी और उनके साथ कुछ पुराने किस्सों को भी याद किया.

कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने याद करते हुए बताया कि अपनी पार्टी के अलावा विपक्ष में भी अरुण जेटली काफी लोकप्रीय (Popular) थे. संसद (Parliament) में नेताओं का उनसे मतभेद हो सकता है लेकिन कभी मनभेद नहीं रहा. बीती बात याद करते हुए उन्होने बताया कि एक बार मेरी माता जी बहुत बीमार हो गई थीं. हमने उनसे मदद मांगी. उन्होने एक अस्पताल में फोन किया और मेरी मां को जल्द अस्पताल में भर्ती करवाया दिया गया. वे खुद भी उनसे मिलने आए थे. अरुण जेटली मददगार शख्स थे. उन्होने कई लोगों की ऐसे मदद की है.

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agrawal) ने अरुण जेटली के साथ कुछ पुराने किस्सों को याद करते हुए बताया कि अरुण जेटली देश के एक बड़े नेता थे. सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे. विद्यार्थी परिषद (Student Council) के जमाने से उन्होने राजनीति शुरू की थी. दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होने पॉलिटिक्स की शुरूआत की थी. पहले विद्यार्थी परिषद, युवा मोर्चा (Youth front) फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उनके साथ काम करने का मौका मिला.

छत्तीसगढ़ बनाने में था खास योगदान: अरुण जेटली को याद करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है. जब लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने संसद में छत्तीसगढ़ बनाने का विधेयक रखा था तब अरुण जेटली केंद्रीय कानून मंत्री हुआ करते थे. राज्य को बनाने में और उस दौरान जो भी परेशानियां आई उसे दूर करने में उनका काफी योगदान रहा. राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रामनाथ कोविंद को लेकर वे ही छत्तीसगढ़ आए थे और विधानसभा ( Assembly) का भ्रमण भी किया था. विधानसभा में जब विधायकों (MLA)के प्रशिक्षण का कार्यक्रम था जब भी वे छत्तीसगढ़ आए थे.