Home देश आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

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आम आदमी की थाली से एक बार फिर सब्जियां गायब हो गई हैं। आलू, प्याज और टमाटर के भाव औसत से दोगुने हो गए है। मटर की कीमत तो सौ रुपये किलो से ज्यादा है। प्याज और टमाटर खुदरा बाजार में 50 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। आलू भी खुदरा बाजार में 30 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। आलम यह है आम आदमी सब्जी खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। मानसून का असर दिल्ली में सब्जियों की कीमत पर भी पड़ने लगा है। घीया, तोरी, भिंडी, परवल सहित तमाम सब्जियों की कीमत में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। टमाटर के दाम अचानक दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं। कुछ दिन पहले 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाले टमाटर का भाव बढ़कर 50 रुपये तक पहुंच गया है। आजादपुर मंडी में सब्जी विक्रेता संदीप खंडेलवाल का कहना है कि हरी सब्जियां हर साल की तरह इस बार भी बरसात के मौसम में महंगी हो गई हैं। जिन राज्यों से दिल्ली में रोज सब्जियों की आवक होती है, वहां मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण वाहनों के आवागमन में परेशानी होने और हरी सब्जियों के खराब होने का असर कीमत पर पड़ रहा है।

ओनियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र से आने वाला प्याज दिल्ली में नहीं पहुंच पा रहा है। इस वजह से प्याज की कीमत बढ़ गई है। थोक बाजार में शनिवार को प्याज की कीमत 19-28 रुपया तक चढ़ गई। व्यापारियों की मानें तो प्याज का भाव अभी और चढ़ेगा। 

अगले सप्ताह तक प्याज थोक भाव में 30-35 रुपये तक चढ़ सकता है। कुछ हरी सब्जियां अधिक दिन तक टिक नहीं पाती हैं। ऐसे में ताजा सब्जियों के लिए ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। आगे भी बारिश के हालात के मुताबिक कीमत में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।

सब्जियों के भाव
मटर 100 रुपये 
टमाटर 45-50 रुपये
गोभी 50-60 रुपये
भिंडी 50-60 रुपये
अरबी 45-50 रुपये
बैंगन 50-60 रुपये
घीया-40-50 रुपये
परवल-60-70 रुपये
(कीमत प्रति किलोग्राम)