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आर्थिक मंदी से मचा हाहाकार, सिर्फ झारखण्ड में 5000 से ज्यादा कंपनियां बंद

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बीते कुछ दिनों से देश की अर्थवयवस्था में गिरावट आती जा रही है आर्थिक मंदी की आहट को देख देश के कई सेक्टरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसका सीधा असर झारखंड सहित कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। झारखंड में आयी उद्योगों कि कमी के कारण वहाँ के कई सारे कारोबार ठप हो चुके है, इसी को देखते हुए वहाँ के सभी कारोबारीयों की हालत खस्ता होती जा रही है। व्यापारी समूह इसका जिम्मेदार वहाँ की मौजूदा रघुवर दास सरकार और केंद्र सरकार को बता रहे हैं।

आर्थिक मंदी से जूझ रहे व्यापारी समूह ने राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास के सामने बैनर लगाकर अपनी समस्याओं की सुध लेने की अपील की है| इसी के साथ व्यापारियों के समूह ने शहर के कई इलाक़ों में पोस्टर भी लगाए हैं जिसमें उन्होंने सरकार के सामने अपनी समस्या रखी हैं और उनको हल करने की अपील की है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज FJCCI का कहना है कि राज्य भर में 10 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं।

इसके साथ ही फेडरेशन ने बताया कि 2 साल पहले कारोबार को लेकर जो स्थिति’याँ थी वह अब पूरी तरह से बदल गयी हैं जो कारोबार 2 साल पहले जिन उंचाईओं पर थे वह अब ठप हो चुके हैं या होने वाले है। औद्योगिक विकास पूरी तरह से ठप हो गया है अगर ऐसा ही चलता रहा था तो बहुत ही जल्द भारत की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाएगी और गरीबी दोबारा आ जायेगी।

फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक मारू ने बुधवार को रांची के चैंबर भवन में एक बैठक की जिसमे उन्होंने कहा कि, झारखंड में उद्योगों में तेजी आने की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो गई है। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। राज्य सरकार की असंवेदनशीलता के कारण पिछले कुछ महीनों में करीब 1000 छोटी व बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर ताला लग चुका है।

इसी के साथ दीपक मरू ने यह भी बताया कि हमने मुख्यमंत्री मंत्री और अफसरों समेत हर जिम्मेदार व्यक्ति तक अपना पक्ष रखने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक हमारी समस्या का कोई हल नहीं निकला है। हमारे पास अपनी बात रखने के लिए होर्डिंग के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसकी शुरुआत हमने मुख्यमंत्री आवास के पास होर्डिंग लगाने से की है।

वही झारखंड के व्यापारियों ने एक नारा भी निकाला है, जिसको हर एक होर्डिंग्स और पोस्टर पर भी लिखा गया है वो नारा है “व्यापारियों की मार्मिक पुकार अब तो सुध लो सरकार” राज्य के व्यापारियों और उनकी हालत देख कर फेडरेशन ने बताया कि राज्य में बिजली की कमी बिजनेस की क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के पूरी तरह से फेल हो जाने की वजह से व्यापार की यह हालत हो रही है।