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सुप्रीम कोर्ट : कानून के प्रावधानों के अनुरूप चिदंबरम राहत प्राप्त करने के लिये स्वतंत्र…

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम को सोमवार को उस समय झटका लगा जब उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया घोटाले में भ्रष्टाचार के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने सुनवाई शुरू होते ही कहा कि चिदंबरम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, इसलिए अग्रिम जमानत याचिका रद्द होने के खिलाफ उनकी अपील निरर्थक हो गयी है। बहरहाल, पीठ ने कहा कि कानून के प्रावधानों के अनुरूप चिदंबरम राहत प्राप्त करने के लिये स्वतंत्र हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री की सीबीआई हिरासत की अवधि आज समाप्त हो रही है और उन्हें निचली अदालत में पेश किया जायेगा जहां सीबीआई उनके आगे पूछताछ के लिये उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध कर सकती है।

चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री को गिरफ्तार करके सीबीआई ने यह सुनिश्चित किया कि यह अपील निरर्थक हो जाये। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा 20 अगस्त को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होते ही शीर्ष अदालत में अपील दायर की गयी थी और यह मामला 21 अगस्त को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया गया था।उन्होने कहा कि जब उनकी याचिका सुनवाई के लिये बुधवार को सूचीबद्ध कराने के प्रयास हो रहे थे तभी एक आदेश पारित हुआ कि इस याचिका पर 23 अगस्त को सुनवाई होगी। चिदंबरम को 21 अगस्त की शाम गिरफ्तार लिया गया था। सिब्बल ने 20 से 21 अगस्त तक के घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुये कहा, ”सीबीआई का सारा उद्देश्य मेरे मुवक्किल को मौलिक अधिकारों और संविधान में प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित करना था। उनको सुना जाना चाहिए था लेकिन मामले को बृहस्पतिवार को भी नहीं बल्कि शुक्रवार के लिये सूचीबद्ध कर दिया गया।”

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ इस आधार पर चिदंबरम की अपील पर विचार नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा, ”जहां तक सीबीआई के मामले का संबंध है, हम इस पर सुनवाई के इच्छुक नहीं हैं। हम सीबीआई के मामले में चिदंबरम की याचिका खारिज करते हैं।” पीठ ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीबीआई के मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज किये जाने को अन्य आधारों पर चुनौती दे सकते हैं। इस समय, शीर्ष अदालत आईएनएक्स मीडिया से संबंधित धन शोधन के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामले पर सुनवाई सुनवाई कर रही है। इस मामले में चिदंबरम को आज तक के लिये गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त है।