Home छत्तीसगढ़ अब तक छत्तीसगढ़ में 1120 मिमी बारिश, औसत से 23 कम

अब तक छत्तीसगढ़ में 1120 मिमी बारिश, औसत से 23 कम

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आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में इस साल अच्छी बारिश हुई है। अब तक 1,120 मिमी बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है, जो बीते 8-10 सालों की औसत बारिश के आंकड़े 1,143 मिमी से सिर्फ 23 मिमी कम है। एक-दो सिस्टम बन गए तो समझिए ये आंकड़ा बड़ी आसानी से पार हो जाएगा, लेकिन चिंता उन पांच जिलों की है, जहां कम बारिश हुई है। अगर 12 अक्टूबर मौसम की वापसी के दिन तक बरसात नहीं होती है इन सभी 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है।

बहरहाल मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अभी हफ्ते भर बारिश नहीं होगी, लेकिन एक सिस्टम 23-24 तक सक्रिय होकर छत्तीसगढ़ को प्रभावित करेगा। अभी तो रात का पारा 24.6 डिग्री है, लेकिन दिन का 32 डिग्री। जो अधिक है, गर्मी का अहसास करा रहा है।

रायपुर में तो रविवार को धूप भी खिली रही। बांधों में पर्याप्त पानी पं. रविशंकर शुक्ल जलाशय यानी धमतरी स्थित गंगरेल बांध 64.89 फीसद भर चुका है। इसी प्रकार प्रदेश के अन्य 11 बांधों भी अच्छा पानी भर गया है, जो प्रदेश को गर्मी में भी प्यासा नहीं रहने देगा। यह पानी खेती में भी इस्तेमाल होगा, तब भी जलापूर्ति पर्याप्त होती रहेगी। बस हमें पानी का दुरुपयोग कम करना होगा।

15 अक्टूबर से ठंड की दस्तक बीते तीन दिनों में प्रदेश के कुछ ही क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई है। यही वजह है कि पारा भी चढ़ना शुरू हो गया है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर का तापमान 30 से 32 डिग्री तक जा पहुंचा है। जैसे-जैसे बरसात की विदाई होगी, पारा चढ़ेगा। 15 अक्टूबर से ठंड की दस्तक भी शुरू हो जाएगी।

चार जिले जहां औसत से कम बारिश

जशपुर (-20), जांजगीर (-20), कोरबा (-23), मुंगेली (-22) और सरगुजा (-41)। अब इन जिलों की किस्मत पूरी तरह से मौसम की मेहरबानी पर निर्भर करेगी। अगर सिस्टम बन जाएंगे, इन क्षेत्रों पर बरस जाएंगे तो ठीक वरना ये सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित होंगे। बरसात न होने की वजह से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र सरगुजा संभाग है।

– अभी अगले चार-पांच दिन तो कोई सिस्टम नहीं है, लेकिन एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बन रहा है। जो 23-24 तक सक्रिय हो सकता है। मध्य छत्तीसगढ़ को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अभी तो वक्त है। – एचपी चंद्रा, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानी लालपुर मौसम विज्ञान केंद्र