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छत्तीसगढ़ सरकार जमा करती है मुख्यमंत्री और मंत्रियों का आयकर

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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री समेत पूरे मंत्रिमंडल का आयकर राज्य सरकार जमा करती है। विधायकों को अपनी व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के नियमों में इसका प्रावधान है। नियमानुसार जीएडी पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों की आयकर की फाइल मेंटेन करती है। सीधे मंत्रिमंडल का मामला होने की वजह से उनके आयकर के रूप में जमा की जाने वाली राशि को लेकर अफसर कुछ भी बताने से बचते हैं।

जीएडी के अफसर कहते हैं कि यह नियम राज्य को विरासत में मिला है। हम उसका अब तक पालन कर रहे हैं। राज्य में विधायकों का वेतन 20 हजार है। कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री को क्रमश: 30 और 28 हजार रुपए मिलता है।

वहीं, मुख्यमंत्री को सबसे ज्यादा 35 हजार स्र्पये हर महीने वेतन मिलता है। अब इसमें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, दैनिक भत्ता, मेडिकल, टेलीफोन आदि शामिल कर दिया जाए तो आंकड़ा लाख स्र्पये के पार पहुंच जाता है। राज्य में विधायकों को कुल एक लाख 10 हजार, कैबिनेट मंत्री को एक लाख 60 हजार, राज्य मंत्री को एक लाख 58 हजार और मुख्यमंत्री को एक लाख 65 हजार स्र्पये हर महीने मिलता है।

फिलहाल राज्य मंत्री और संसदीय सचिव नहीं

राज्य सरकार में फिलहाल राज्य मंत्री और संसदीय सचिव नहीं है। नियमानुसार इन पदों के लिए वेतन तय कर रखा गया है। संसदीय सचिव को एक लाख 51 हजार स्र्पये मासिक देने का प्रावधान है। पूववर्ती सरकार में करीब एक दर्जन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था।

वेतन- भत्ता के साथ कई सुविधाएं

मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट के बाकी सहयोगियों को तो सरकार बंगला गाड़ी समेत कई सुविधा देती हैं। विधायकों को भी कुछ कम सुविधाएं नहीं मिलती। सभी विधायकों को राजधानी में आवास की सुविधा दी जाती है। बसों मंे मुफ्त के साथ हर वर्ष चार लाख स्र्पये तक ही हवाई और रेल यात्रा की सुविधा भी दी जाती है।

दो करोड़ हुई विधायक निधि

छत्तीसगढ़ में इसी वर्ष विधायक निधि की राशि को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ स्र्पये किया गया है। इस निधि का उपयोग केवल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, व्यक्तिगत नहीं। प्राय: इस राशि का उपयोग उन सार्वजनिक हित के कार्यों में किया जाता है तो सरकार की किसी योजना में नहीं आ पाती हैं।

एक बार बने माननीय तो बाकी जिंदगी कटती है आराम से

एक बार विधायक चुनकर माननीय बन गए तो बाकी पूरी जिंदगी आराम से कटती है। विधायकी खत्म होने के बाद पहले पहले पांच वर्ष के लिए 20 हजार मासिक पेंशन है।

इसके बाद छह से 10 वर्ष के लिए प्रत्येक वर्ष का तीन सौ, 11 से 15 साल के लिए प्रत्येक वर्ष का चार सौ और 16 या उससे अधिक प्रत्येक वर्ष के लिए पांच सौ मासिक अतिरिक्त पेंशन दी जाएगी। चिकित्सा सुविधा के साथ बसों में मुफ्त सफर, दो लाख स्र्पये तक हवाई और रेल यात्रा हर वर्ष करने की छूट रहती है। इसके अतिरिक्त अन्य कई सुविधाएं भी मिलती हैं।

सीएम व मंत्रियों का वेतन

विवरण मुख्यमंत्री मंत्री राज्यमंत्री संसदीय सचिव

वेतन 35 हजार 30 हजार 28 हजार 21 हजार

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 40 हजार 40 हजार 40 हजार 40 हजार

दैनिक भत्ता दो हजार दो हजार दो हजार दो हजार

विधायकों का वेतन

वेतन 20 हजार

निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 30 हजार

दूरभाष भत्ता पांच हजार

अर्दली भत्ता 15 हजार

चिकित्सा भत्ता 10 हजार

दैनिक भत्ता एक हजार

विधायकों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं

– विधान सभा के सत्र व समितियों की बैठक में शामिल होने के लिए एक हजार स्र्पए अतिरिक्त दैनिक भत्ता दिया जाता है। यह भत्ता बैठक के एक दिन पहले और बाद के लिए भी दिया जाता है।

– सत्र व समिति की बैठकों में आने जाने के लिए 10 स्र्पये प्रति किलोमीटर की दर से वाहन भत्ता दिया जाता है, लेकिन इसका भुगतान तभी किया जाता है, जबकि गाड़ी विधायक के नाम पर हो।

– विधायकों का 10 लाख का दुर्घटना बीमा कराया गया है।

– एक वित्तीय वर्ष में एक सहयोगी के साथ रेल व हवाई यात्रा के लिए चार लाख का कूपन दिया जाता है।

– विधायकों को राज्य के अंदर एक सहयोगी के साथ निजी बसों में निशुल्क बस यात्रा की पात्रता है।

– विधायक विश्राम गृह में न्यूनतम तीन स्र्पए प्रतिदिन किराया पर आवास की सुविधा।

वाहन व आवास लोन

– विधायक वाहन के लिए 10 लाख स्र्पये तक लोन ले सकते हैं। इस पर लगने वाला ब्याज का तीन फीसद विधायक व बाकी सरकार वहन करती है।

– इसी तरह 15 लाख तक के आवास लोन पर दो फीसद विधायक व बाकी सरकार देती है।

– विधायकों को उनके एक कार्यकाल अवधि (5 वर्ष) के लिए क्राकरी खरीदने के लिए छह हजार स्र्पये दिया जाता है।

– विधायक व उनके आश्रित परिवार सदस्यों को सरकारी अस्पतालों में नि== भि(38) ==शुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है। राज्य के बाहर भी यदि चिकित्सक की राय में आवश्यक हो तो निर्धारित औपचारिकता पूरी करने के बाद बाहर भी इलाज करा सकते हैं।

किसे कितना मिलता है वेतन और भत्ता

– 1 लाख 65 हजार मुख्यमंत्री

– 1 लाख 60 हजार कैबिनेट मंत्री

– 1 लाख 58 हजार राज्य मंत्री

– 1 लाख 51 हजार संसदीय सचिव

– 1 लाख 10 हजार विधायक