Home समाचार मुंबई का लोकल गुंडा कैसे बना बॉलीवुड का सुपरस्टार? जानिए हकीकत

मुंबई का लोकल गुंडा कैसे बना बॉलीवुड का सुपरस्टार? जानिए हकीकत

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

दोस्तो आज हम आपको जिस शक्सियत के बारे में बताने जा रहे है वो कभी मुंबई की गलियों में दादागिरी करता था। अपने जीवन की गाड़ी चलाने के लिए उसने ट्रक ड्राइवरी भी कि।
दरअसल हुआ यूं , देवानंद साहब साल 1982 में अपनी फिल्म स्वामी दादा की शूटिंग मुंबई की एक कोलोनी में कर रहे थे। शूटिंग देखने के लिए काफी भीड़ जमा थी। उसी भीड़ में वह एक लोकल गुंडा भी खड़ा था। जिसका होलिया बाकी लोगो से अलग था। देवानंद साहब की नजर उस पर पड़ी उन्होंने उसे बुलाया और छोटा सा रोल करने को कहा उस गुंडे ने वो रोल किया पर कुछ इस तरह से किया ना सिर्फ फिल्म स्वामी दादा में बल्कि हिंदी सिनेमा में हमेशा हमेशा के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। और ये लोकल गुंडा कोई और नहीं बल्कि अपने जग्गू दादा जैकी श्रॉफ थे।
जैकी के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इसलिए वो ज्यादा पढ़ लिख ना सके। जैकी से बड़ा एक भाई और था। जो कभी उस चाल का असली दादा हुआ करता था। एक बार जैकी का भाई किसीको बचाने के लिए समुंदर में कूद गया था , जब की उसे भी तैरना नहीं आता था। और इस तरह उसने अपनी जान गवा दी। भाई की अचानक मौत के बाद जैकी ने उसकी जगह ले ली और बस्ती में भलाई का काम करने लगे। इस तरह से जैकी जग्गू दादा बन गए।
एक बार जब जैकी बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे थे तब एक आदमी ने उन्हें मॉडलिंग के ऑफर दिया। अच्छे पैसे मिलते देख जैकी ने भी हामी भर दी। इस तरह जैकी के सितारे बनने कि शरुआत हुई। जैकी का भाग्य जोरो पर था। साल 1982 में भारी भीड़ में से देवानंद साहब को पसंद आ गए। और उनकी फिल्म स्वामी दादा में काम भी मिल गया। इसके बाद जैकी फिल्मों में ही काम तलासने लगे। अब इसे जैकी का नसीब ही तो कहेंगे , कि उस समय मशहूर निर्देशक सुभाष गई स्टार्स से परेशान हो कर अपनी फिल्म हीरो के लिए किसी नए चेहरे की तलाश कर रहे थे। यह फिल्म जैकी श्रॉफ को मिल गई। सुभाष गई को जय किशन नाम पुराना और बड़ा लगा इसलिए उन्होंने उसे जैकी कर दिया। फिल्म हीरो साल 1983 की अत्यंत ही सफल फिल्म रही।
इसके बाद जैकी ने अंदर बाहर , जुनून , और युद्ध जैसी फ़िल्मे की। साल 1986 में जैकी श्रॉफ की फिल्म कर्मा आयी। फिल्म ना सिर्फ ब्लॉकबस्टर रही बल्कि उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। आगे के सालो में जैकी ने खलनायक , गर्दिश , राम लखन , तेरी मेहरबानियां जैसी फिल्मों में जैकी ने माया नगरी में धूम मचा दी थी।
अब आलम यह था कि निर्देशक स्तरकैस्ट बदलकर जैकी को साइन करने लगे। किंग अंकल और अल्लाह रखा ऐसी फिल्में है , जिसमें निर्देशक की असली पसंद अमिताभ बच्चन थे। लेकिन बाद में ये फ़िल्मे जैकी श्रॉफ के खाते में अायी। उसके बाद जैकी ने कई फिल्मफेयर अवार्ड्स भी जीते।
जैकी इंडस्ट्री के ऐसे अभिनेता में से है , जिन्होंने सिनेमा में काम ही नहीं किया बल्कि उसको जिया भी है।