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छत्तीसगढ़ : ’50 हजार बोनस दें, वरना कुछ भी ऐसा कदम उठेगा, जैसा भिलाई में नहीं हुआ’

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50 हजार रुपये बोनस की मांग को लेकर बीएसपी वर्कर्स यूनियन ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। कर्मचारियों से फीडबैक लेने के बाद यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है। यूनियन का कहना है कि सेल प्रबंधन 29 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्रि से पहले 50,000 एक्सग्रेसिया कर्मचारियों के खाते में डाले। अगर ऐसा नहीं होता तो यूनियन कर्मचारियों के साथ मिलकर कुछ भी ऐसा कदम उठाने के लिए बाध्य होगी। जैसा भिलाई में आज तक नहीं हुआ है। यूनियन कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार का संघर्ष करने के लिए तैयार है।

बीएसपी वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को यूनियन दफ्तर में हुई। तय किया गया कि 23 सितंबर को सुबह 9.30 बजे पचास हजार बोनस एवं जल्द मीटिंग बुलाने के बाबत सेल चेयरमैन के नाम भिलाई इस्पात संयंत्र के आईआर विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा। केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक यूनियन कार्यालय सेक्टर-7 में हुई। जहां पर दुर्गा पूजा पूर्व इस्पात कर्मियों को बोनस नहीं दिलवा पाने में नाकाम केंद्रीय यूनियनों के प्रति आक्रोश व्यक्त किया गया।

बैठक में प्रमुख रूप से उपमहासचिव टी. डिलेश्वर राव, सी. नरसिंह राव, जितेंद्र यादव, उपाध्यक्ष एम. विजय कुमार, सुरेश सिंह, वरिष्ठ सचिव प्रदीप सिंह, कृष्णा मूर्ति, मनीष यादव, सचिव कन्हैया कुमार, रणधीर, लुमेश कुमार, राजकुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

पूजा से पहले बोनस की टूट रही परंपरा

अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि बड़ा दुर्भाग्यजनक है कि वर्षों से चली आ रही पूजा पूर्व मिलने वाली बोनस एक्सग्रेसिया की परंपरा एनजेसीएस नेताओं की नाकामी के कारण खत्म होती दिख रही है। उन्होंने केंद्रीय नेताओं को सुविधा भोगी बताते हुए कहा कि इन लोगों का कर्मचारियों की जरूरतों की ओर कोई ध्यान नहीं है। भिलाई इस्पात संयंत्र का एक एक कर्मचारी यहां की मान्यता वाली यूनियन से यह जानना चाहता है कि उसने कर्मचारियों के वार्षिक बोनस के लिए क्या किया? बोनस के लिए तीन अक्टूबर को मीटिंग करना क्यों स्वीकार किया।

मान्यता प्राप्त यूनियन पर कटाक्ष

महासचिव खूबचंद वर्मा ने कहा कि एक तरफ कर्मचारियों की सभी प्रकार की सुविधाएं बाधित हो गई हैं। वेज रिविजन की चर्चा अभी चालू नहीं हुई। इस्पात कर्मियों का मनोबल गिरता जा रहा है। ऐसे में प्रबंधन कर्मचारियों को बोनस तो देगा ही अगर यही राशि पूजा के पहले कर्मचारियों को मिल जाएगी तो उन्हें खुशी होगी। वरना मन निराश होगा, जो ठीक नहीं है। उपमहासचिव शिवबहादुर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों से बड़े बड़े झूठे वादे कर सत्ता में आनेवाली यूनियन कहां खो गई है। मान्यता लेटर का ही इंतजार करती रहेंगी या फिर कर्मचारियों के लिए कुछ फायदेमंद बात भी करेगी।

प्रबंधन प दबाव बनाने में कितनी मिली कामयाबी

वरिष्ठ उपाध्यक्ष नोहर सिंह गजेंद्र ने कहा कि एनजेसीएस कमेटी के वो नेता जो भिलाई में बैठकर दिल्ली में मीटिंग बुलाई जाने का इंतजार करते रहते हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र का कर्मचारी उनसे जानना चाहता है कि दिल्ली बैठक में जाने के लिए प्रबंधन की ओर से उन्हें टीए, डीए के रूप में कितनी राशि दी जाती है। साथ ही यह भी बताएं कि पूजा पूर्व कर्मचारियों को बोनस एक्सग्रेसिया दिलवाले के लिए इन लोगों ने कितना किस प्रकार का प्रबंधन के ऊपर दबाव बनाने में कामयाब हुए।