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खुद को बम से उड़ाने जा रहा था ये शख्स, बच्चे का रोना सुनकर बदला फैसला

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शादी से जुड़े विवाद को लेकर परेशान एक शख्स, खुद को देशी बम से उड़ाने की धमकी दे रहा था. लेकिन वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी (Policeman) ने अपनी सूझबूझ से उस शख्स को बचा लिया. रविवार को इस वाकये के बारे में स्थानीय पुलिस ने मीडिया को बताया. इस शख्स का नाम मणिकंदन है. वो अपनी पत्नी के साथ वापस रहने की मांग को लेकर परिवार के सामने खुद को उड़ा देने की बात कर रहा था.

मणिकंदन इतना हताशा था कि उसने अपने गले में देशी बमों को माला की तरह लपेटा लिया था. साथ ही अपने परिवार वालों को धमकी भी दे रहा था कि वो धमाका करके खुद को तबाह कर लेगा. इस शख्स ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल भी छिड़क रखा था. उसके इस रवैये से आसपास मौजूद लोग दहशत में थे. आखिरकार इस स्थिति से निपटने के लिए वहां मौजूद हेड कांस्टेबल ने उसकी और उसके दो साल के बच्चे को छोड़ दिया. बच्चा जोर-जोर से रो रहा था और अपने पिता की तरफ आगे बढ़ रहा था. बच्चे को रोता देख वो बच्चे के पास चला गया और उसे चुप कराने में लग गया.

हालांकि, पुलिस ने उसे खुद को उड़ाने से तो रोक लिया, लेकिन उस शख्स ने पुलिस को बताया कि उसने पहले ही जहर खा लिया है. पुलिसवाले उसे फौरन अस्पताल ले गए. ये सारा ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ मणिकंदन के घर के सामने हुआ था. मणिकंदन लगभग डेढ़ साल पहले अपनी पत्नी से अलग हो गया था और अदालत में तलाक का मामला तब से लंबित था. पुलिस ने कहा कि अपनी पत्नी से अलग होने से दुखी मणिकंदन ने अपने परिवार के सदस्यों को धमकी दी थी कि यदि उसकी और उसके परिवार की सुलह उसकी पत्नी के साथ नहीं हुई तो वो अपनी जान दे देगा. इसी क्रम में उसने देशी बमों की माला अपने गर्दन में लपेट ली.

मणिकंदन का ये रवैया उसके परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के लिए चौंकाने वाला था. वो मणिकंदन से अनुरोध कर रहे थे कि वो ऐसा न करे. खुद को नुकसान न पहुंचाए. हेड कांस्टेबल तो उसी इलाके से जा रहा था, वो इस ड्रामे को देख रुक गया और अपने विभाग को इस घटना के बारे में सतर्क कर दिया. स्थानीय निवासियों ने भी आशंका जताई थी कि विस्फोट उनके लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है और उनके बड़े नुकसान की वजह बन सकता है. 

हेड कांस्टेबल का तरीका आया काम
जब पुलिसकर्मियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो हेड कांस्टेबल ने मणिकंदन के बच्चे को लाया और उसके पिता के पास जमीन पर रख दिया और उनसे आग्रह किया कि वो इसकी जिंदगी को देखें और कोई कठोर कदम उठाने से बचें.

जैसे ही बच्चा उसके पास रेंगता हुआ गया, बच्चे का रोता हुआ देख वो भावुक हो गया और छटपटाने लगा. उसने खुद को बम से उड़ाने की योजना को छोड़ दिया और बच्चे के पास पहुंच गया. तुरंत, पुलिसकर्मियों ने देशी बम निकाले और उसे अस्पताल ले गए.