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शायद खुल गया राज.. क्या इसीलिये धारा 370 हटाने का पाकिस्तान से भी ज्यादा विरोध कर रही थी कांग्रेस ? वो सच जो रौंगटे खड़े कर देगा

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जिस दिन मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का एलान किया था तो देश की सियासत में खलबली मच गई थी. पूरे देश ने देखा था कि खुद को देश की आजादी का ठेकेदार बताने वाली कांग्रेस ने संसद में किस तरह से धारा 370 हटाए जाने का विरोध किया था. स्थिति ये थी धारा 370 हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस नेताओं के बयानों पाकिस्तान अपने रक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल कर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की नापाक कोशिशें करने लगा.

अब शायद ये राज खुल गया है कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से धारा 370 हटाने का पाकिस्तान से भी तीव्र विरोध कांग्रेस पार्टी की तरफ से क्यों कहा जा रहा था. खबर के मुताबिक़, जम्मू कश्मीर के कांग्रेस नेता के भाई पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के भाई जी एम सरूरी के भाई मोहम्मद शफी सहित 12 लोगों के खिलाफ जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ संबंध होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मामले दो अलग अलग एफआईआर के जरिए दर्ज किये गये हैं.

बताया गया है कि पहली प्राथमिकी में छह लोगों के नाम हैं और उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं वहीं दूसरी प्राथमिकी में जिसमें प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जी एम सरूरी के भाई मोहम्मद शफी साहित छह अन्य लोगों के नाम हैं. पुलिस के अनुसार, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी के भाई मोहम्मद शफी सरूरी समेत मसूद अहमद, मोहम्मद मुजफ्फर शाह, गुलाम मोहम्मद कमाल, तौसीफ अहमद गुंदना और सईद अहमद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ये सभी किश्तवाड़ के रहने वाले हैं. तौसीफ अहमद गुंदना आ‌र्म्ड केस के एक मामले में पहले से ही जेल में बंद है. मोहम्मद सफी सरूरी भी कांग्रेस से जुड़ा रहा है तथा पूर्व सरपंच है.

आइजी मुकेश सिंह ने बताया कि पिछले दिनों पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के आधार पर इन सभी के खिलाफ राष्ट्रविरोधी व गैर कानूनी गतिविधियों मे संलिप्त होने का केस दर्ज किया गया है. अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. आरोपों की जांच की जा रही है. इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है. बता दें कि कांग्रेस नेता के भाई और अन्य पांच लोगों का नाम बीते साल किश्तवाड़ में हुई भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई और इसी वर्ष आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक की हत्या में शामिल नौ आतंकियों ने पूछताछ के दौरान लिया है.

ये आतंकी किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त के अंगरक्षक और गत माह पीडीपी नेता के अंगरक्षक से हथियार लूटने की वारदात में भी शामिल रहे हैं. इन आतंकियों के तीन साथी गत सप्ताह बटोत में मुठभेड़ में मारे गए हैं. पकड़े गए आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि कांग्रेस नेता के भाई मोहम्मद शफी व अन्य लोगों को शुरू से ही किश्तवाड़ में आतंकी गतिविधियों की साजिश का पूरा पता था. ये लोग न सिर्फ जिहादी तत्वों को अपने घर में पनाह देते थे, बल्कि एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित आने जाने में भी उनकी मदद करते थे. वित्तीय व अन्य प्रकार का भी सहयोग करते थे.