Home समाचार INDORE में फ्लेक्स के बैनर-पोस्टर प्रतिबंधित

INDORE में फ्लेक्स के बैनर-पोस्टर प्रतिबंधित

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

देश के सबसे साफ-सुथरे शहर का तमगा पा चुके इंदौर ने स्वच्छता के मानकों को और सख्त करते हुए अब प्लास्टिक के बैनर-पोस्टरों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इंदौर नगर निगम की गुरुवार को हुई बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया। इसके तहत निगम के सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि अब कोई भी संस्था या संगठन शहर में प्लास्टिक के बैनर-पोस्टरों का इस्तेमाल नहीं करेगा।

हर प्रकार की सिंगल-यूज प्लास्टिक बैन

शहर के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं या सरकारी संगठन या फिर राजनीतिक दल, कोई भी प्लास्टिक के बैनर-पोस्टर नहीं लगाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) पर रोक लगाने की अपील के मद्देनजर इंदौर नगर निगम ने यह प्रस्ताव पास किया है।

लंबे समय के बाद हुई निगम की बैठक

इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक लंबे समय के बाद हुई है। भारी हंगामे के बीच हुई इस बैठक में निगम के सदस्यों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के साथ-साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को भी शहर में अनिवार्य करने पर सहमति जताई। निगम परिषद की पिछली बैठक काफी हंगामेदार रही थी। इसके मद्देनजर गुरुवार की बैठक के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया था। बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्लास्टिक के बैनर-पोस्टर पर प्रतिबंध लगाने का था, जिसे नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने पेश किया। उनके प्रस्ताव पर निगम के सभी सदस्यों ने सहमति जताई। इसके तहत शहर में किसी भी राजनीतिक दल के पोस्टर नहीं लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। कहा गया कि अगर किसी दल ने पोस्टर लगा भी दिया, तो उसे हटाने पर किसी को आपत्ति नहीं होगी।

बैठक की शुरुआत से ही हंगामा

इंदौर नगर निगम परिषद के सम्मेलन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। नेता प्रतिपक्ष के पहले प्रश्न पर ही जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने मामला उठाया था कि देवगुराड़िया में ट्रैचिंग ग्राउंड पर लगाई गई कंपनी को किस आधार पर आठ करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसी कंपनी के संचालक अरशद वारसी को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया और संचालक की पार्टनर कंपनी को ठेका भी दे दिया गया। इस मामले पर खूब हंगामा हुआ।

इसके अलावा सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों ने स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत किए जा रहे कामों को लेकर भी आपत्ति जताई। बैठक में नगर निगम का बकाया वसूलने और 1500 वर्गफीट पर बने मकानों, जिनमें बोरिंग है, उनमें रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इंदौर नगर निगम के परिषद सम्मेलन में गुरुवार को पेश हुए सभी प्रस्तावों पर सदस्यों ने सहमति जताई। सभापति अजय नरुका के मुताबिक सभी प्रस्तावों का पास होना शहर और यहां रहने वालों के हित में है।