Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती : मुख्यमंत्री ने कंडेल...

छत्तीसगढ़ – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती : मुख्यमंत्री ने कंडेल से ’गांधी विचार पदयात्रा’ का किया शुभारंभ…

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर गांधी ग्राम-कंडेल से ’गांधी विचार पदयात्रा’ का शुभारंभ किया। धमतरी के कंडेल से आज प्रारंभ हुई यह पदयात्रा 10 अक्टूबर को रायपुर के गांधी मैदान में सम्पन्न होगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस पदयात्रा में प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायकगणों के साथ हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने जगह-जगह पर फूल बरसाकर मुख्यमंत्री और पदयात्रिओं का अभूतपूर्व स्वागत किया।

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और कंडेल नहर सत्याग्रह के नायक बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव की मूर्ति का अनावरण करते हुए गांधी विचार पदयात्रा का शुभारंभ किया। सप्ताहव्यापी यह पदयात्रा 10 अक्टूबर को रायपुर के गांधी मैदान में सम्पन्न होगी। इसके बाद 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में गांधी विचार यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर कृषि मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल, विधायक श्री मोहन मरकाम, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इसके पहले कंडेल में जनसहयोग से निर्मित गौठान का लोकार्पण किया और इसके बाद गौठान से नहर सत्याग्रह उद्यान तक पैदल पहंुचे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी के सत्याग्रह में पदयात्राओं की बड़ी भूमिका थी। बापू अपनी पदयात्राओं के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता के साथ सौहार्द्र का संचार करते थे। राज्य सरकार बापू के रास्ते में चलने के लिए संकल्पित है।