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झाडू न लगाने पर शिक्षामित्र ने छात्र को पीटा, बाल-बाल बंची आंख!

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अयोध्या। प्राथमिक विद्यालयों में नन्हे मुन्नों को शिक्षा देने के बजाये उनसे बरतन धुलवाने,राशन ढुलवाने के बाद झाड़ू लगवाने का ताजा मामला प्रकाश में आया है।यही नहीं ठीक से झाड़ू न लगा पाने को लेकर कक्षा 2 के छात्र को शिक्षा मित्र द्वारा इस तरह पीटा गया कि उसकी आंख बालबाल बची।

मामला शिक्षा क्षेत्र रुदौली के प्राथमिक विद्यालय गनौली का है जहाँ शुक्रवार की सुबह विद्यालय में झाड़ू न लगा पाने वाले कक्षा 2 के छात्र दीपक की शिक्षामित्र ने पिटाई कर दी।पिटाई के दौरान छात्र के बेंच पर गिरने से आंख और सिर में चोट आई है।छात्र के पिटाई से नाराज छात्र के बाबा ने छात्र के साथ तहसील में एसडीएम से मिलकर शिक्षामित्र के विरुद्ध कार्यवाही की माग की है। पीडि़त छात्र के बाबा हरिश्चंद्र ने एसडीएम को दी गयी शिकायत में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय गनौली के कक्षा 2 में उसका पौत्र दीपक पुत्र रमेश पढता हैं।शुक्रवार की सुबह विद्यलाय पहुचे दीपक से शिक्षामित्र सरताज अहमद में झाड़ू लगाने के लिए कहा।पौत्र दीपक झाड़ू लगा रहा था।तभी गुस्से में आये शिक्षामित्र ने दीपक को सही साफाई न करने की बात कहते हुए डंडे से मारते हुए धक्का दे दिया।शिक्षा मित्र के धक्का देने से पौत्र बगल पड़ी बेंच पर गिर गया।पौत्र के आँख और सिर में चोट आई।

विद्यालय में घटना की जानकरी करने करने गए हरिश्चंद्र से भी शिक्षामित्र ने अभद्रता की।एसडीएम विपिन सिंह ने बताया प्राथमिक विद्यालय गनौली के कक्षा दो का घायल छात्र दीपक अपने बाबा हरिश्चंद्र के साथ आया था।बाबा हरिश्चंद्र का शिकायती पत्र मिला है।खंड शिक्षा अधिकारी रुदौली और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पटरंगा को जांच के निर्देश दिए गए हैं।वहीं दूसरी ओर पीडि़त छात्र दीपक के बाबा हरिश्चंद्र ने बताया कि विद्यालय में शिक्षा मित्र अकेले थे।प्रधानाध्यापिका गुडिय़ा सिंह और सहायक अध्यापक संजीव कुमार विद्यालय नहीं आए थे। कहा की विद्यालय में प्रधानाध्यपक व् शिक्षक नही आते हैं।

दीपक की निर्मम पिटाई पर शिक्षामित्र ने अस्पताल ले जाकर दवा कराना भी मुनासिब नहीं समझा।उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षामित्र के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी अरुण वर्मा ने बताया की घटना की जानकारी मिली है।प्रधानाध्यापिका गुडिय़ा सिंह अवकाश पर है।जिनका मैसेज मोबाइल पर आया है।सहायक अध्यापक संजीव कुमार के विद्यालय में न होने की जानकारी उन्हें नहीं है।उन्होंने कहा कि दूरभाष पर शिक्षामित्र से पूछताछ की गई है।विद्यालय पहुंचकर तथ्यों की जानकारी करेंगे और दोषी पाए जाने पर शिक्षामित्र के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।