Home समाचार फ्रांस में राफेल लेने पहुंचे राजनाथ, शस्त्र पूजा भी करेंगे…

फ्रांस में राफेल लेने पहुंचे राजनाथ, शस्त्र पूजा भी करेंगे…

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 अक्टूबर को फ्रांस के बोर्डोक्स में 36 राफेल जेट विमानों में से पहला विमान रिसीव करने पहुंचे हैं. एयरक्राफ्ट हैंडओवर करने के कार्यक्रम में फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली और राफेल जेट निर्माता दसॉ एविएशन के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद हैं. रक्षा मंत्री 7 अक्टूबर को तीन दिवसीय यात्रा पर पेरिस रवाना हुए थे.

राफेल सौंपने का कार्यक्रम बोर्डोक्स के मेरीग्नैक में दसॉ एविएशन के परिसर में हो रहा है. यह जगह पेरिस से करीब 590 किलोमीटर दूर है. जेट रिसीव करने के बाद सिंह दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजा करेंगे और एयरक्राफ्ट में उड़ान भरेंगे. पहला विमान भारत को मिल जाएगा लेकिन चार विमानों की पहली खेप अगले साल मई तक ही भारत आएगी.

सूत्रों के मुताबिक, विमान का पहला स्क्वाड्रन अंबाला वायुसेना स्टेशन पर तैनात किया जाएगा. यह स्टेशन भारत पाक सीमा से करीब 220 किलोमीटर दूर है. राफेल का दूसरा स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल में हाशिमारा अड्डे पर तैनात किया जाएगा.

भारत ने करीब 59,000 करोड़ रुपये की लागत में 36 राफेल लड़ाकू जेट विमान खरीदने के लिए सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौता किया था.

फ्रांस दौरे पर क्या-क्या करेंगे राजनाथ सिंह?

राजनाथ सिंह ने 8 अक्टूबर को पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ के साथ बैठक की है. इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों पर चर्चा हुई. सिंह फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ वार्षिक रक्षा वार्ता भी करेंगे जिस दौरान दोनों पक्ष रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने के तौर-तरीके पर बातचीत करेंगे.

9 अक्टूबर को सिंह फ्रांसीसी रक्षा कंपनियों के CEOs को संबोधित करेंगे. सिंह उनसे भारत में रक्षा के क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ पहल में भाग लेने की अपील करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की उच्च-स्तरीय टीम राफेल विमान सौंपने से संबंधित कार्यक्रम में फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ तालमेल के लिए पहले से ही फ्रांस में है.