Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ : देश में संघ का उत्तेजक राष्ट्रवाद नहीं, गांधी का राष्ट्रवाद...

छत्तीसगढ़ : देश में संघ का उत्तेजक राष्ट्रवाद नहीं, गांधी का राष्ट्रवाद बचेगा : भूपेश बघेल

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रवाद को उत्तेजक राष्ट्रवाद बताया और साथ ही कहा है कि इस देश में गांधी का ही राष्ट्रवाद बचेगा, क्योंकि उसमें असहमति का भी सम्मान है।

छत्तीसगढ़ में गांधी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और ग्राम स्वराज के संकल्प को आगे बढ़ाने के मकसद को लेकर राज्य सरकार गांधी विचार यात्रा निकाली रही है। इस यात्रा का गुरुवार को रायपुर में समापन होगा।

यात्रा के समापन दिवस की पूर्व संध्या पर बघेल ने आईएएनएस से कहा, ‘गांधी का राष्ट्रवाद वह है जिसमें असहमति को भी सम्मान है, मगर संघ और भाजपा का राष्ट्रवाद उत्तेजक राष्ट्रवाद है। संघ के राष्ट्रवाद में जो भी व्यक्ति अपने विचार व्यक्त करता है या विरोध में विचार रखता है, उसे देशद्रोही राजद्रोही करार दे दिया जाता है।’

मुख्यमंत्री से जब आईएएनएस ने पूछा कि गांधी के राष्ट्रवाद और सेंध राष्ट्रवाद में जो टकराव की स्थिति बन रही है, उसमें गांधी के राष्ट्रवाद को छत्तीसगढ़ में कैसे स्थापित कर पाएंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी का राष्ट्रवाद रचा बसा है छत्तीसगढ़ की जनजीवन और देश के जनजीवन में। गांधी के राष्ट्रवाद में असहमति का भी सम्मान है, मगर संघ का राष्ट्रवाद उत्तेजक राष्ट्रवाद है, कहा जाता है कि अगर आप मुझ से सहमत हैं तो आप को राजपूत ही घोषित कर देंगे और आपको मिटा दिया जाएगा। इस तरह के विचार उत्तेजक राष्ट्रवाद का ही हिस्सा है।’

जब उनसे पूछा गया तो क्या गांधी का राष्ट्रवाद बचेगा, इस पर बघेल ने कहा, ‘देश में गांधी का ही राष्ट्रवाद बचेगा, क्योंकि वह ऐसा राष्ट्रवाद है जो सभी तरह के विचारक, ऋषि-मुनियों और असहमति रखने वालों के विचारों को भी साथ लेकर चलता है, उनका सम्मान करता है।’

बघेल से पूछा गया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है, ‘मॉब लिंचिंग विदेशी शब्द है और इससे देश बदनाम हो रहा है।’ इसे बघेल ने सही ठहराया मगर साथ ही में प्रतिप्रश्न किया, ‘भागवत बताएं कि उनका राष्ट्रवाद किसका है। क्या देश का राष्ट्रवाद है या यह जर्मनी या इटली का है। उनका राष्ट्रवाद हिटलर और मुसोलिनी से प्रभावित है या नहीं है। सवाल इस बात का है।’